अध्यात्म

Kala Dhaga: काला धागा बांधने के फायदे, जानिए शरीर के किस हिस्से में करें धारण

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated May 9, 2023, 01:29 PM IST

Kala Dhaga bandhne Ke Fayde: काला धागा पैर, हाथ या गले कहीं भी धारण किया जा सकता है। शरीर के हर हिस्से में काला धागा धारण करने के अलग-अलग फायदे होते हैं। जानिए काला धागा किस दिन पहनना चाहिए (Kala Dhaga Kis Din Bandhe), काला धागा धारण करने की विधि क्या है (How To Wear Kala Dhaga), काला धागा पहनने से क्या फायदा होता है (Kala Dhaga Ke Fayde)।

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Kala Dhaga Kis Pair Me Bandhe: काला धागा किस पैर में बांधना होता है शुभ

Kala Dhaga bandhne Ke Fayde: काला धागा पहनने का प्रचलन लंबे समय से चला आ रहा है। आमतौर पर लड़कियां के पैरों में, बच्चों की कमर में और पुरुषों के गले में काला धागा देखने को मिलता है। मान्यता है काला धागा बांधने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और किसी की बुरी नजर नहीं लगती। काला धागा स्वास्थ्य लाभ भी देता है। यहां आप जानेंगे काला धागा पहनने के फायदे और शरीर के किन हिस्सों पर इसे बांधना होता है सबसे शुभ।

काला धागा किन राशि वालों को नहीं पहनना चाहिए (Which Zodiac Signs Should Not Wear Kala Dhaga): काला धागा मेष और वृश्चिक राशि वालों को भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए। क्योंकि इन दोनों ही राशियों के स्वामी मंगल देव हैं। मान्यताओं अनुसार मंगल देव को काला रंग बिल्कुल भी प्रिय नहीं होता। ऐसे में अगर इन राशि के लोग काला धागा धारण करते हैं तो इन्हें फायदा होने की बजाय नुकसान होने की ज्यादा संभावना रहती है।

काला धागा पहनने के फायदे (Kala Dhaga Benefits In Hindi)

  • काले रंग का संबंध शनि ग्रह से माना जाता है। ऐसे में इसे धारण करने से कुंडली में शनि की स्थिति मजबूत होती है।
  • शनि दोष से राहत पाने के लिए गले या हाथ में काला धागा पहनना शुभ होता है।
  • काला धागा पहनने से किसी की बुरी नजर नहीं लगती।
  • काला धागा पहनने से नकारात्मक शक्तियां दूर रहती हैं।
  • यदि गंभीर बीमारी से परेशान हैं तो उपचार कराने के साथ-साथ कमर में काला धागा बांध लें। इससे सेहत में सुधार होने लगेगा।

शरीर के किस हिस्से में काला धागा बांधना होता है शुभ (Kala Dhaga Kha Bandhe)

  • कहा जाता है कि अगर आप पैर के अंगूठे में काला धागा बांधते हैं तो आपको किसी की बुरी नजर नहीं लगेगी। पैर के अंगूठे में काला धागा बांधने से नकारात्मक शक्तियां भी दूर रहती हैं।
  • अगर किसी रोग से परेशान हैं तो कमर में काला धागा बांधना चाहिए। इससे रोग से कुछ राहत मिल जाएगी।
  • यदि चारों तरफ से परेशानियों से घिरे हैं कहीं से कोई मदद नहीं मिल रही है तो हाथ में काला धागा बांधना चाहिए।
  • शत्रु परेशान कर रहे हैं तो बाजुओं में काला धागा बांधना चाहिए। इससे आपके शत्रु परास्त हो जाएंगे।
  • गर्भवती महिलाओं को काले धागे को 7 गांठ बांधकर पैर में धारण करना चाहिए। मान्यता है ऐसा करने से प्रेगनेंसी में होने वाले दर्द से राहत मिलती है।
  • शनि की बुरी नजर से बचने के लिए काले धागे को गले में धारण करने की सलाह दी जाती है। इससे शनि ग्रह के कारण आ रही परेशानियां काफी हद तक कम हो जाती हैं।

काला धागा बांधने के नियम (Kala Dhaga Bandhne Ke Niyam)

इस बात का ध्यान रखें कि काला धागा हमेशा गांठ लगाकर ही बांधे। इसे पहनने के लिए शनिवार का दिन सबसे शुभ होता है। अगर आपने हाथ में काला धागा पहना है तो फिर आपको इसे पैर में बांधने की जरूरत नहीं है। जहां भी काला धागा बांधे वहां किसी ओर रंग का धागा नहीं होना चाहिए। पुरुषों को अपने दाएं पैर में वहीं महिलाओं को बाएं पैर में काला धागा बांधना चाहिए।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्‍स नाउ नवभारत इसकी पुष्‍ट‍ि नहीं करता है।)

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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