अध्यात्म

कल का पंचांग, 20 जून: अरण्य षष्ठी, विंध्यवासिनी पूजा ज्येष्ठ मास ग्रह-नक्षत्रों का प्रभाव, चंद्र राशि और योग का ज्योतिषीय विश्लेषण

अरण्य षष्ठी, विंध्यवासिनी पूजा, कल का पंचांग 20 जून 2026 : ज्योतिषीय गहराई जानना चाहते हैं। ग्रह स्थिति, चंद्रमा की राशि, योग और उनके प्रभावों का उल्लेख है।

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kal ka panchang 20 june 2026

कल का पंचांगकल का पंचांग ज्योतिषियों के लिए पूरे दिन की दिशा निर्धारित करने वाला है। कल षष्ठी तिथि, मघा नक्षत्र 09:26:38 तक एवं वज्र 12:47:59 तक योग है। ये संयोजन आध्यात्मिक साधना, पूजन, व्रत आदि के लिए श्रेष्ठ माने जाते हैं। शनिवार को शनि देव की पूजा का विशेष महत्व होता है।

कल कौन सा व्रत है

अरण्य षष्ठी, विंध्यवासिनी पूजा

सूर्य-चंद्र की स्थिति:

सूर्य की स्थिति – 05:23:25 से 19:21:35 तक, चंद्रमा – सिंह राशि, चंद्रोदय – 10:50:00, चंद्रास्त – 23:40:00।

संवत्सर:

शक – 1947, विक्रम – 2083, काली – 5127। मास - ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) व ज्येष्ठ (अमांत), ऋतु – ग्रीष्म।

शुभ समय:

अभिजीत मुहूर्त – 11:54:34 से 12:50:27 तक

अशुभ मुहूर्त:

राहु काल व यमगण्ड काल में शुभ कार्य न करें।

राहु काल: 08:52:58 से 10:37:44 तक

यमगण्ड: 14:07:17 से 15:52:03 तक

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चंद्रबल व ताराबल:

मिथुन, सिंह, तुला, वृश्चिक, कुम्भ, मीन को चंद्रबल प्राप्त है। अश्विनी, भरणी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, रेवती जैसे नक्षत्र ताराबल से युक्त हैं।

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