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Jyeshtha Maas 2023: कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ माह 2023, जेठ मास का क्या है महत्व - यहां जानें विस्तार से

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 3, 2023, 03:01 PM IST

Jyeshtha Maas 2023 Start Date (जेठ मास कब से शुरू होगा): ज्येष्ठ माह हिंदू कैलेंडर में तीसरा महीना माना जाता है। ये मास भीषण गर्मी का माना जाता है। इस मास में कई बड़े त्योहार भी आते हैं। यहां देखें ज्येष्ठ महीना 2023 कब से शुरू होगा और जेठ मास का क्या है महत्व।

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Jyeshtha Maas 2023: कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ माह 2023, जेठ मास का क्या है महत्व - यहां जानें विस्तार से

Jyeshtha Maas 2023 Start Date (जेठ मास कब से शुरू होगा): हिंदू कैलेंडर के अनुसार, साल की शुरुआत चैत्र महीने से होती है। वहीं, साल का तीसरा महीना ज्येष्ठ का होता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, ये महीना मई और जून के बीच पड़ता है। इस महीने में गर्मी चरम सीमा पर रहती है और सूर्य की ज्येष्ठता के कारण ही इस महीने को ज्येष्ठ कहा जाता है। हालांकि कुछ लोग इसे जेठ का महीना भी कहते हैं। बता दें, हिंदू कैलेंडर में महीनों के नाम नक्षत्रों पर आधारित होते हैं और महीने का बदलना चंद्र चक्र पर भी निर्भर करता है। चंद्रमा जिस नक्षत्र पर पहले आता है महीने का नाम उसी पर आधारित कर दिया जाता है। वास्तव में, ज्येष्ठ माह का हिंदू धर्म में बहुत अधिक महत्व है। इसी के साथ यहां जानिए ज्येष्ठ माह कब से शुरू होने वाला है और इसका क्या महत्व है।

कब से शुरू हो रहा है ज्येष्ठ माह? (Jyeshtha Maas 2023 Start Date In Hindi)

5 मई, 2023 को वैशाख मास की समाप्ति के बाद साल का तीसरा महीना यानी ज्येष्ट मास की शुरुआत होगी। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, ज्येष्ठ माह की शुरुआत 6 मई, 2023 से होगी और 4 जून 2023 को इस महीने का समापन होगा। विक्रम संवत में ज्येष्ठ माह को साल का तीसरा महीना माना जाता है।

ज्येष्ठ माह का महत्व (Jyestha Month 2023 Significance)

ज्येष्ठ मास में गर्मी अपने चरम पर होती है इसलिए इसे ज्येष्ठ मास कहा जाता है। हिंदू धर्म में इस महीने का विशेष महत्व भी बता गया है। ऐसी मान्यता है कि ज्येष्ठ महीने में ही पृथ्वी पर गंगा का अवतरण हुआ था इसलिए इस महीने में गंगा दशहरा मनाया जाता है। कहते हैं इसी महीने में भगवान राम अपने परम भक्त हनुमान जी से मिले थे। साथ ही ज्येष्ठ महीने में ही भगवान शनिदेव का जन्म भी हुआ था।

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