अध्यात्म

13 या 14- जुलाई 2026 में कब है अमावस्या, जुलाई में कौन सी अमावस्या आएगी, नोट करें सही तारीख

July Amavasya 2026 Date: जुलाई 2026 में अमावस्या कब है। जानें जुलाई में कौन से हिंदू मास की अमावस पड़ेगी। जानिए सही डेट, तिथि, धार्मिक महत्व और इस दिन किए जाने वाले दान, तर्पण व पूजा का महत्व।

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जुलाई 2026 मं अमावस्या की डेट और टाइम

July Amavasya 2026 Date: अगर आप भी जानना चाहते हैं कि जुलाई 2026 में अमावस्या कब है, तो यहां इसकी सही तिथि, समय और महत्व जान सकते हैं। जुलाई का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। हिंदू कैलेंडर के हिसाब से इस समय आषाढ़ मास चलता है और सावन का आरंभ होता है। मावस्या तिथि को पितरों के तर्पण, दान-पुण्य, स्नान और भगवान विष्णु व शिव की पूजा के लिए शुभ माना जाता है। यहां जानें कि जुलाई में अमावस्या कब है और इस मास में कौन सा अमावस आएगी।

जुलाई 2026 में अमावस्या कब है

द्रिक पंचांग के अनुसार, जुलाई 2026 में अमावस्या तिथि 13 तारीख को शाम 5:28 बजे शुरू होगी और 14 तारीख को दोपहर 4:02 बजे समाप्त होगी। चूंकि हिंदू धर्म में व्रत और पूजा के लिए उदया तिथि का विशेष महत्व होता है, इसलिए अमावस्या 14 जुलाई 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। इसी दिन अमावस्या व्रत, पितरों का तर्पण, स्नान, दान और अन्य धार्मिक अनुष्ठान किए जाएंगे।

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जुलाई 2026 में कौन सी अमावस्या आएगी

हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अभी आषाढ़ महीना चल रहा है। ऐसे में जुलाई 2026 में आने वाली अमावस आषाढ़ी अमावस्या होगी। मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या तिथि पितरों को समर्पित मानी जाती है। ऐसा विश्वास है कि इस दिन अपने पूर्वजों का स्मरण कर तर्पण, पिंडदान और दान करने से पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपना आशीर्वाद बनाए रखते हैं। जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष या पूर्वजों से जुड़े दोष बताए जाते हैं, वे भी इस दिन विशेष पूजा और तर्पण करते हैं।

जुलाई 2026 अमावस्या डेट एंड टाइम

  • जुलाई 2026 में अमावस्या तिथि प्रारंभ: 13 तारीख, शाम 5:28 बजे
  • जुलाई 2026 में अमावस्या तिथि समाप्त: 14 तारीख, दोपहर 4:02 बजे पर
  • उदया तिथि के अनुसार अमावस्या: 14 जुलाई 2026, मंगलवार
  • जुलाई अमावस के मुख्य कार्य: पितृ तर्पण, स्नान, दान-पुण्य, व्रत और भगवान विष्णु-शिव की पूजा

आषाढ़ अमावस्या पर करें शिव पूजा

आषाढ़ अमावस्या का संबंध आध्यात्मिक साधना से भी माना जाता है। इस दिन नदी या किसी पवित्र जलाशय में स्नान कर भगवान विष्णु, भगवान शिव और सूर्यदेव की पूजा करने की परंपरा है। साथ ही व्रत रखा जाता है। अमावस पर अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान भी शुभ माना जाता है।

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अमावस्या पर किन बातों का रखें ध्यान

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अमावस्या के दिन क्रोध, विवाद और नकारात्मक सोच से बचने की सलाह दी जाती है। इस दिन सात्विक भोजन करना, जरूरतमंदों की सहायता करना और भगवान का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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