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Holika Dahan Puja Samagri List: होलिका दहन पूजा सामग्री लिस्ट, होलिका दहन में कौन सी लकड़ी रखनी है, गोबर से कितने उपले चाहिए होंगे?

Holi Puja Samagri List in Hindi (होलिका व्रत पूजा सामग्री की लिस्ट हिंदी में): होली से एक दिन पहले फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन मनाया जाता है। यहां से आप जान सकते हैं कि होलिका दहन की पूजा में क्या-क्या सामान लगता है। देखें होलिका दहन पूजा सामग्री लिस्ट।

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होलिका दहन पूजा सामग्री (pc: canva)

Holi Puja Samagri List in Hindi 2026 (होलिका दहन का सामान): होलिका दहन की कथा होलिका और भक्त प्रह्लाद से जुड़ी है। मान्यता है कि भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित रहे और होलिका अग्नि में जल गई। हर साल फाल्गुन पूर्णिमा की रात होलिका दहन का त्योहार मनाया जाता है। इस साल चंद्र ग्रहण की वजह से होलिका दहन 3 मार्च की जगह 2 मार्च को मनाया जा रहा है। ये पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है। तो अगर आपको भी होलिका दहन की पूजा करनी है तो सबसे पहले आज ही बाजार से होलिका दहन के सामान खरीद लेने चाहिए। यहां से आप होलिका दहन की पूजा के सामान की लिस्ट देख सकते हैं।

होलिका दहन पूजा सामग्री लिस्ट-

  • रोली
  • हल्दी
  • चावल (अक्षत)
  • कुमकुम
  • फूल और माला
  • अगरबत्ती और दीपक
  • कपूरकच्चा सूत (मौली)
  • साबुत मूंग या चना
  • गेहूं की बालियाँ
  • नारियल
  • गुड़
  • बताशे
  • पानी से भरा लोटा
  • लकड़ियां
  • उपले (गोबर के कंडे)
  • होलिका दहन पूजा विधि-
  • होलिका दहन के दिन सबसे पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और अगर व्रत रखना है तो व्रत का संकल्प लें। इसके बाद होलिका दहन वाली जगह को अच्छे से पानी और सूखे कपड़े से साफ करें और यहां पर सूखी लकड़ी, उपले, सूखे काटे समेत सारी सामग्री रख लें। फिर होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं। होलिका दहन पर नरसिंह भगवान की पूजा का महत्व बताया गया है। ऐसे में इस दिन नरसिंह की पूजा अवश्य करें। फिर शाम होने पर दोबारा पूजा करें और इस समय शुभ मुहूर्त में होलिका जलाएं। फिर अपने पूरे परिवार के साथ होलिका की तीन परिक्रमा लगाएं। परिक्रमा करने समय भगवान नरसिंह का नाम जपें और 5 अनाज अग्नि में डालें। ध्यान रखें कि परिक्रमा करते समय आपको अर्ग्य देनी है और साथ में कच्चे सूत को होलिका में लपेटना है। इसके बाद गोबर के उपले, चने की बालों, जौ, गेहूं समेत सामग्री होलिका में डालें। अंत में होलिका में थोड़ा- सा गुलाल डालें। इसके बाद फिर जल भी चढ़ाएं। इस तरह से होलिका दहन की पूजा पूरी करें।

  • Srishti
    सृष्टिauthor

    सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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