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Sindhara Teej Samagri: हरियाली तीज से एक दिन पहले मनाया जाता है सिंधारा, नोट कर लें इसकी सामग्री लिस्ट

Sindhara Teej Samagri 2024: सिंधारा दूज हरियाली तीज से एक दिन पहले मनाई जाती है। इस दिन बहू-बेटियों के घर सिंधारा भेजा जाता है। सुहागिनों के लिए सिंधारा दूज का खास महत्व होता है। जिसे सिंजारा या श्रृंगार दिवस के नाम से भी जाना जाता है। चलिए जानते हैं इस साल सिंधारा दूज कब है।

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Hariyali Teej Sinjara 2024 Date

Sindhara Teej Samagri 2024: सिंजारा पर्व यानी सिंधारा दूज का दिन सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। सिंधारा में मिठाई और श्रृंगार का सामान दिया जाता है। यदि बेटी ससुराल में है तो ये सिंधारा उसके मायके से भेजा जाता है और अगर बहू मायके में है तो सिंधारा ससुराल से आता है। हालांकि कई जगह पर ससुराल से सिंधारा शादी केवल पहले वर्ष में दिया जाता है। सिंधारा में आई मेहंदी को महिलाएं अपने हाथों में रचाती हैं और फिर अगले दिन हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। जानिए इस साल सिंधारा दूज कब है।

सिंजारा कब है 2024 (Sindhara 2024 Date)

इस साल सिंजारा पर्व 6 अगस्त को मनाया जाएगा। पंचांग अनुसार ये पर्व श्रावण शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को मनाया जाता है। जो इस बार 6 अगस्त को पड़ रही है। फिर इसके अगले दिन हरियाली तीज मनाई जाती है।

सिंजारा सामग्री लिस्ट (Sindhara Samagri List 2024)

सिंजारा की सुहाग सामग्री में हरी चूड़ी, काजल , मेहंदी , नथ, बिंदी, सिंदुर, गजरा, सोने के आभूषण, मांग टीका, कमरबंद, बिछिया, पायल, झुमके, बाजूबंद, अंगूठी, कंघा आदि चीजें दी जाती हैं। तो वहीं मिठाई में घेवर, रसगुल्ला, मावे की बर्फी भेजी जाती है। इसके अलावा बहू-बेटी के लिए कपड़े भेजे जाते हैं।

सिंजारा कैसे मनाया जाता है (How To Celebrate Sindhara Teej)

सिंजारा यानी सिंधारा दूज का त्योहार श्रृंगार दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन बहू बेटियों को 9-9 प्रकार के मिष्ठान और पकवान बनाकर खिलाए जाते हैं। इसके अलावा सिंजारे में मिली मेहंदी को महिलाएं अपने हाथों में रचाती हैं। सिंजारे में हरियाली तीज का व्रत रखने वाली महिला को श्रृंगार का सारा सामान दिया जाता है। कहते हैं सिंधारे में मिले कपड़ों और गहनों को पहनकर ही महिलाएं हरियाली तीज व्रत की पूजा करती हैं। कई जगह सिंधारे में आए उपहार को आपस में बांटने की परंपरा निभाई जाती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्मा author

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करि... और देखें

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