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Hariyali Teej 2025 Muhurat, Puja Vidhi: हरियाली तीज की पूजा कैसे करें? नोट करें, हरियाली तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि

Hariyali Teej 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi (हरियाली तीज शुभ मुहूर्त, पूजा विधि): हरियाली तीज को श्रावणी तीज भी कहते हैं। इस दिन सुहागिन महिलाएं पूजा पाठ करती हैं और उपवास रखती हैं। आज हरियाली तीज है। यहां से आप हरियाली तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा विधि देख सकते हैं।

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हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त और पूजा विधि (Photo Source: iStock)

Hariyali Teej 2025 Shubh Muhurat, Puja Vidhi (हरियाली तीज शुभ मुहूर्त, पूजा विधि): हिंदू पंचांग के अनुसार, हरियाली तीज सावन मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। ये खास दिन आज ही है। इस व्रत को शादीशुदा और अविवाहित दोनों ही लड़कियां रखती हैं। शादीशुदा महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और अविवाहित महिलाएं अच्छे वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत रखती है। इस साल ये पूजा कितने बजे होगी और पूजा कैसे की जाती है, ये आप यहां से देख सकते हैं। यहां से आप हरियाली तीज की पूजा का शुभ मुहूर्त और पूजा की विधि देख सकते हैं।

हरियाली तीज 2025 शुभ मुहूर्त (Hariyali Teej Shubh Muhurat)

  • ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 46 मिनट से 05:30 मिनट तक रहने वाला है
  • प्रातः सन्ध्या सुबह 5 बजकर 08 मिनट से 6:14 मिनट तक रहेगा
  • निशिता मुहूर्त: रात्रि 12 बजकर 23 मिनट से लेकर पूरे दिन रहेगा
  • सायाह्न सन्ध्या शाम 7 बजकर 16 मिनट से 8 बजकर 22 मिनट तक होगा
  • अभिजीत मुहूर्त : दोपहर 12:19 से 01:11 मिनट तक
  • रवि योग: शाम 04 बजकर 23 मिनट से पूरे दिन रहने वाला है
  • अमृत काल: दोपहर 1:56 से 3:34 मिनट तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:55 से 3:48 मिनट तक
  • गोधूलि मुहूर्त: शाम 7:16 से 7:38 मिनट तक

हरियाली तीज पूजा विधि (Hariyali Teej Puja Vidhi)

हरियाली तीज की पूजा से पहले स्नान कर नए कपड़े पहन लें। साथ ही सोलह श्रृंगार जरूर करें। इसके बाद पूजा की तैयारी शुरू करें। इसके साथ ही साफ मिट्टी से भगवान शिव, माता पार्वती और गणेशजी की प्रतिमा या मूर्ति बना लें।इस दिन महिलाएं माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करती हैं। माता पार्वती को सुहाग की सामग्री चढ़ाती हैं और उनसे अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति की प्रार्थना करती हैं। इसके अलावा इस दिन भगवान शिव को महिलाएं भांग, बेल पत्र, श्वेत फूल, धतूरा, अक्षत्, गंध, धूप आदि चीजें अर्पित करती हैं। शाम में हरियाली तीज की कथा सुनी जाती है। पूजा के समय भगवान शिव और माता पार्वती के मंत्रों का जाप किया जाता है। फिर आरती उतारकर भोग लगाया जाता है। इस दिन पति अपनी पत्नी को झूला भी झुलाते हैं।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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