Malviya Nagar Fire Case: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड मामले में गिरफ्तार रसोइया केसर नेगी को साकेत जिला अदालत से राहत मिल गई है। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद उसे जमानत प्रदान करने का आदेश दिया। सुनवाई के दौरान अदालत ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोपी ने किसी गवाह को प्रभावित करने, सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने या जांच में बाधा डालने का प्रयास किया है।
किस आधार पर मिली जमानत?
कोर्ट ने माना कि अभियोजन पक्ष की ओर से जताई गई आशंकाएं सामान्य प्रकृति की हैं और उन्हें समर्थन देने के लिए पर्याप्त आधार उपलब्ध नहीं है। अपने आदेश में अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपी को जमानत पर रिहा किए जाने से न तो जांच प्रभावित होने की संभावना है और न ही न्यायिक प्रक्रिया में किसी तरह की बाधा आने की आशंका है। इसी आधार पर अदालत ने जमानत मंजूर की। हालांकि, कोर्ट ने जमानत के साथ कई शर्तें भी निर्धारित की हैं।
केसर नेगी के लिए क्या हैं शर्तें?
आदेश के अनुसार, केसर नेगी को जांच अधिकारी द्वारा बुलाए जाने पर हर बार जांच में शामिल होना होगा और पूरी तरह सहयोग करना होगा। इसके अलावा अदालत ने निर्देश दिया कि आरोपी किसी भी गवाह को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करने, धमकाने या किसी प्रकार का प्रलोभन देने का प्रयास नहीं करेगा। साथ ही वह अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करेगा और न्यायिक प्रक्रिया में पूर्ण सहयोग सुनिश्चित करेगा।
अग्निकांड में 21 लोगों की मौत
गौरतलब है कि 3 जून की सुबह करीब आठ बजे मालवीय नगर स्थित फ्लोरिश स्टेज बेड एंड ब्रेकफास्ट (Flourish Stays B&B) होटल में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी। इस भयावह हादसे में बेसमेंट में फंसे 21 लोगों की धुएं और आग की वजह से जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए। मृतकों में अधिकांश विदेशी नागरिक शामिल थे। वहीं, राहत एवं बचाव अभियान के दौरान आग और घने धुएं की चपेट में आने से 10 पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
