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Hariyali Teej Vrat Niyam: हरियाली तीज व्रत में इन 3 नियमों का जरूर करें पालन, मिलेगा पूजा का संपूर्ण फल

Hariyali Teej Vrat Niyam 2025: हरियाली तीज का व्रत शादीशुदा महिलाओं के लिए बेहद खास होता है। अब चूंकि आज ये मनाया जा रहा है तो आपको इससे जुड़े कुछ नियमों का ज्ञान भी होना चाहिए। हरियाली तीज की पूजा से जुड़े कुछ ऐसे खास नियम हैं, जिनका पालन करने से आपको व्रत का संपूर्ण फल मिलता है।

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हरियाली तीज के नियम (Photo Source: Canva)

Hariyali Teej Vrat Niyam 2025: हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि के दिन हरियाली तीज का व्रत रखा जाता है। हरियाली तीज व्रत को श्रावणी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इस साल हरियाली तीज का व्रत आज यानी 27 जुलाई को रखा जा रहा है। इस दिन सुहागिनें पति की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रखती हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करती हैं। इस व्रत को करने के कुछ खास नियम भी होते हैं, जिनका पालन जरूर होना चाहिए। अगर आप पहली बार भी ये व्रत रखने जा रही हैं तो भी आपको इन नियम के बारे में पता होना चाहिए, जिससे आपके कोई गलती नहीं होगी।

2 तरीके के होते हैं व्रत

हरियाली तीज का व्रत दो तरीके से रखा जाता है, पहला निर्जला व्रत और दूसरा फलाहार। निर्जला व्रत करने वाली महिलाएं पानी तक का सेवन नहीं करती हैं। मान्यता है कि अगर निर्जला व्रत के दौरान किसी ने पानी की एक बूंद भी ग्रहण कर ली तो उसका व्रत खंडित हो जाएगा।

व्रत से एक दिन पहले क्या करना चाहिए?

हरियाली तीज का पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए ही होता है। इस पर्व पर मेंहदी का विशेष महत्व बताया गया है। इसलिए तीज के एक दिन पहले ही सुहागिनों को मेहंदी जरूर रचानी चाहिए।

हरियाली तीज के दिन किस रंग के कपड़े पहनें?

हरियाली तीज व्रत जीवन, उर्वरता, और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में इस दिन नवविवाहित महिलाओं को हरे रंग की साड़ी या सूट पहनना चाहिए। इस दिन महिलाओं को सोलह श्रृंगार कर पूजा करना चाहिए।

किस दिन खरीदें हरियाली तीज का सामान?

मंगलवार को इस व्रत का सामान खरीदना अशुभ होता है और इससे व्रत के शुभ प्रभावों में बाधा आ सकती है। इसलिए हरियाली तीज का सामान आप भूलकर भी मंगलवार के दिन न खरीदें।

हरियाली तीज के पारण में दूध पी सकते हैं?

हरियाली तीज का व्रत पारण चंद्रमा की पूजा करने के बाद ही किया जाता है। यह व्रत निर्जला रखा जाता है। साथ ही इस दिन दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल, इस दिन माता पार्वती के साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती है और उनका दूध से अभिषेक किया जाता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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