Hariyali Amavasya 2026 Date: सावन मास की एक प्रमुख तिथि इस महीने की अमावस्या भी मानी जाती है। सावन अमावस्या को हरियाली अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने, पौधारोपण करने और भगवान शिव के साथ पितरों की पूजा-अर्चना के लिए समर्पित होता है। अगर आप भी 2026 में हरियाली अमावस्या की सही तारीख और तिथि का समय जानना चाहते हैं, तो यहां पूरी जानकारी दी जा रही है।
हरियाली अमावस्या 2026 कब है
पंचांग के अनुसार, इस साल हरियाली अमावस्या बुधवार, 12 अगस्त 2026 को मनाई जाएगी।
- हरियाली अमावस्या 2026 तिथि प्रारंभ: 12 अगस्त 2026, सुबह 01:53 बजे
- हरियाली अमावस्या 2026 तिथि समाप्त: 12 अगस्त 2026, रात 11:06 बजे
अमावस्या तिथि पूरे दिन 12 अगस्त को रहने और सूर्य का उदया तिथि इसी तारीख पर होने के कारण इसी दिन हरियाली अमावस्या का पर्व मनाया जाएगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: 2026 में नाग पंचमी कब है
हरियाली अमावस्या 2026 पर सूर्य ग्रहण
साल 2026 की हरियाली अमावस्या एक और वजह से खास रहने वाली है। इसी दिन वर्ष 2026 का दूसरा और अंतिम सूर्य ग्रहण भी लगेगा। यह एक पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) होगा। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा। इसलिए भारतीय परंपरा के अनुसार इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा और देश में हरियाली अमावस्या की पूजा, शिव आराधना तथा अन्य धार्मिक कार्य सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। ग्रहण मुख्य रूप से दुनिया के कुछ अन्य हिस्सों में ही देखा जाएगा।
टाइम्स नाउ नवभारत पर ये भी पढ़ें: हरियाली तीज 2026 में कब है
हरियाली अमावस्या पर क्या करें
- भगवान शिव का अभिषेक कर बेलपत्र अर्पित करें।
- पीपल, नीम, आंवला, तुलसी या अन्य पौधे लगा सकते हैं
- पितरों के लिए तर्पण और दान-पुण्य करें
- जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या पौधे दान करें
- पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लें और लगाए गए पौधों की देखभाल भी करें।
हरियाली अमावस्या पर भगवान शिव की पूजा
सावन और अमावस्या का संयोग भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना गया है। इस दिन श्रद्धालु शिवलिंग का जलाभिषेक और रुद्राभिषेक करते हैं। बेलपत्र, दूध, दही, शहद, गंगाजल और धतूरा अर्पित कर भगवान शिव का आशीर्वाद लिया जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक शिव पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
