अध्यात्म

Hal Chhath Maiya Ki Aarti: जय षष्ठी माते जय हलषष्ठी माते... हलषष्ठी माता की आरती, देखें कमरछठ की आरती लिरिक्स

Hal Chhath Maiya Ki Aarti (हरछठ की आरती): हर साल जन्माष्टमी के दो दिन पहले हरछठ मनाया जाता है। इसे ललही छठ, हल छठ, चंदन छठ भी कहा जाता है। इस दिन पूजा-पाठ के बाद आरती भी की जाती है। यहां से आप हलछठ की आरती के लिरिक्स देख सकते हैं।

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हरछठ की आरती (photo source: canva)

Har Chhath Maiya Ki Aarti (हरछठ की आरती): हिंदू धर्म में हरछठ का विशेष महत्व है। हर साल भादो कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर हलछठ मनाया जाता है। इस साल ये खास दिन आज यानी 14 अगस्त को है। हरछठ के दिन महिलाएं अपनी संतान की लंबी आयु और खुशहाल जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। अगर आप भी हलछठ की पूजा कर रही हैं तो आपको यहां दी गई आरती जरूर पढ़नी चाहिए। यहां हलछठ आरती के लिरिक्स मौजूद हैं।

हल छठ माता की आरती (Hal Chhath Mata Ki Aarti)

जय षष्ठी माते जय हलषष्ठी माते।

नीराजनममरैर्कृतमाधात्रे जाते॥ जय हल…

करुणामयि गुणशीले तिथिशीलेऽभयदे।

वचसातीतमहिम्ने वात्सल्येऽऽनन्दे॥ जय हल…

कंसभगिन्या पूज्ये चन्द्रललितसुतदे।

वंशकरे प्रभुरिवगुणयुक्तवत्सकप्रदे॥ जय हल…

वैदर्भ्याऽपि सुपूज्ये नष्टपुत्रदात्रे।

श्रीखण्डप्रसवाङ्गे वरुणामोदकरे॥ जय हल…

क्रीडनकेन भवाब्धे पूज्ये सौख्यवरे।

अम्बुयुक्तचीरैरजिरेऽजरवज्रकरे॥ जय हल…

महिषीदुग्धप्रभाऽऽर्चे वरदे धर्मधरे।

कृष्णाग्रजगुणयुक्ते शुभ्रे कृष्णप्रिये॥ जय हल…

वरुणेनादियुगेऽस्मिन् हरिश्चद्रकुलदे।

स्वानन्दे प्रामीत्योऋणत्रिशङ्कुजनने॥ जय हल…

गायन्तीति मनुष्याः तीरे चाम्बुवरे।

काले दोषविमुक्ता वरुणानन्दमये॥ जय हल…

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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