Guruwar Ke Upay: हिंदू धर्म में गुरुवार का दिन भगवान विष्णु की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है। गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। जगत के पालनहार भगवान विष्णु की पूजा करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। ज्योतिष शास्त्र में गुरुवार के दिन के लिए कुछ नियम बताये गए हैं। गुरुवार के दिन बृहस्पति देव की भी पूजा की जाती है। गुरु ग्रह को भी प्रसन्न करने के लिए इस दिन पूजा की जाती है। आइए जानते हैं गुरुवार के दिन किन उपायों को अपनाना चाहिए।
गुरुवार को करें ये उपाय
जो लोग बहुत बीमार रहते हों।मारकेश से प्रभावित हों ।कुंडली में सप्तम या अष्टम में स्थित ग्रह की महादशा या अंतर्दशा हो तो भी कुछ अनुष्ठान बहुत ही राहत देगा। द्वितीयेश व सप्तमेश की महादशा को मारकेश कहते हैं।आज ॐ नमो भगवते वासुदेवायः मंत्र का जप व हवन बहुत ही लाभ करता है।आप चाहें तो माता काली की पूजा व बटुक भैरव उपासना भी कर सकते हैं। बटुक भैरव सुख,समृद्धि व ऐश्वर्य प्रदान करते हैं। नारियल बहुत कारगर है । आज काली मंदिर में नारियल अर्पित करें। लौंग व काली मिर्च चढ़ाएं।।
इस समय बंगलामुखी अनुष्ठान बहुत ही सटीक व सफलतम उपाय है।माता पीताम्बरा पीठ का दर्शन व पूजन प्रत्येक मनोकामनाओं को पूर्ण करता है।घर के पास किसी मन्दिर में या नदी के तट पर यह अनुष्ठान बहुत तेज कार्य करता है।पीला वस्त्र,हल्दी व सरसो का प्रयोग होता है।बंगलामुखी मन्त्र का जप हल्दी की माला पर ही करें व पूरे नियम से किया जाय तो प्रत्येक कार्यों में सफलता मिलती है।राजनीति में सफलता के लिए यह अनुष्ठान बहुत ही श्रेयस्कर है।
रात्रि में महाविद्या का प्रयोग भी इस समय करते हैं। प्रत्यंगरा व विपरीत प्रत्यंगरा का तांत्रिक प्रयोग भी इस समय किया जा सकता है।
श्री राम दरबार व हनुमान जी की मूर्ति के सामने हनुमानबाहुक का प्रयोग किसी भी बीमारी से मुक्त कर सकता है। हनुमानबाहुक की पूजा भी रोग व कष्ट मुक्ति के लिए रामबाण उपाय है। लाल मूंगे की माला से हनुमान जी के 12 नामों का जप किसी भी कष्ट से मुक्ति दिला देता है।।
गाय को पालक,केला व गुड़ खिलाएं। निर्धन जनों को भरपेट भोजन दें। अन्न का दान करें। चने की दाल व धार्मिक पुस्तकों का दान करें।। भगवान विष्णु जी की उपासना करें।भगवान को तुलसी का पत्ता अर्पित करें जिससे जीवन में सभी खुशियां आपको विष्णु कृपा से स्वतः अल्प प्रयास से ही प्राप्त हो जाएंगी।श्री विष्णुसहस्रनाम का पाठ छात्रों के लिए बहुत उपयोगी है।श्री रामचरितमानस के अरण्यकाण्ड का पाठ आज करें।
