Guru Pradosh Vrat Vidhi In Hindi (गुरु प्रदोष व्रत विधि): गुरु प्रदोष व्रत 18 जुलाई को रखा जाएगा। इस व्रत में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है। मान्यताओं अनुसार जो व्यक्ति सच्चे मन से गुरु प्रदोष व्रत रखता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और भगवान भोलेनाथ की असीम कृपा प्राप्त होती है। ये व्रत करने से दांपत्य जीवन में भी सुख-समृद्धि आती है। यहां आप जानेंगे गुरु प्रदोष व्रत विधि।
गुरु प्रदोष व्रत विधि (Guru Pradosh Vrat Vidhi In Hindi)
- गुरु प्रदोष व्रत के दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण कर लें।
- इसके बाद भगवान शिव का स्मरण कर पूजा शुरू करें। साथ ही व्रत का संकल्प लें।
- व्रत वाले दिन अन्न ग्रहण नहीं करना है हालांकि आप फलाहार ले सकते हैं।
- शाम में भगवान शिव के मंदिर जाकर शिवलिंग पर जल जरूर चढ़ाएं।
- इस दिन भोलेनाथ को बेलपत्र, भांग, गंगाजल, धूप, फूल, धतूरा, गंध आदि चीजें अर्पित करने का विशेष महत्व माना जाता है।
- इसके बाद गुरु प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें और अंत में शिव जी की आरती करें।
- भगवान को भोग लगाकर प्रसाद सभी में बांट दें।
- इस व्रत का पारण अगली सुबह सूर्योदय के बाद किया जाता है।
शिव जी के मंत्र (Shiv Mantra)
प्रदोष व्रत पूजा के समय भगवान शिव के इन मंत्रों का जाप अवश्य करें...
1- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे
महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्!
2- ॐ नमः शिवाय
3- ॐ नमो भगवते रुद्राय नमः
प्रदोष व्रत का महत्व (Pradosh Vrat Ka Mahatva)
मान्यताओं अनुसार प्रदोष व्रत रखने से व्यक्ति को उसके सभी पापों से मुक्ति मिल जाती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस व्रत के प्रभाव से वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां भी दूर हो जाती हैं और घर परिवार में सदैव सुख-समृद्धि बनी रहती है।
