Gupt Navratri Mata Ke Naam (10 महाविद्याओं के नाम): गुप्त नवरात्रि को कई जगह पर शाकंभरी नवरात्रि या गायत्री नवरात्रि के नाम से भी जाना जाता है। ये नवरात्रि विशेष तौर पर भारत के उत्तरी राज्यों में मनाई जाती है। इस दौरान देवी दुर्गा के 10 महा स्वरूपों की पूजा की जाती है। मान्यताओं अनुसार माता के इन स्वरूपों की पूजा करने से व्यक्ति के सारे दुख-दर्द दूर हो जाते हैं। इस साल गुप्त नवरात्रि 6 जुलाई से शुरू होकर 16 जुलाई तक चलेगी। ये नवरात्रि ज्यादातर तांत्रिक पूजा के लिए लोकप्रिय है। चलिए जानते हैं गुप्त नवरात्रि की देवियों के नाम क्या हैं।
गुप्त नवरात्रि की देवियों के नाम क्या हैं (Gupt Navratri Mata Ke Naam In Hindi)
काली तारा महाविद्या षोडशी भुवनेश्वरी।
भैरवी छिन्नमस्ता च विद्या धूमावती तथा।
बगला सिद्ध विद्या च मातंगी कमलात्मिका
एता दशमहाविद्याः सिद्धविद्या प्रकीर्तिताः॥
10 महाविद्याओं की पूजा का महत्व (10 Mahavidya Puja Mahatva)
काली- गुप्त नवरात्रि के पहले दिन माता काली की पूजा की जाती है। दुर्गा माता के इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन में शत्रुओं का असर कम होने लगता है और नकारात्मकता दूर चली जाती है।
तारा- आषाढ़ गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन माता तारा की पूजा की जाती है। मां दुर्गा के इस स्वरूप की पूजा करने से जीवन में सुख समृद्धि बनी रहती है।
षोडशी- गुप्त नवरात्रि के तीसरे दिन माता षोडशी की पूजा का विधान है। मान्यताओं अनुसार मां के इस स्वरूप की पूजा करने से भक्तों को सुंदरता, सौभाग्य और सांसारिक सुखों की प्राप्ति होती है।
भुवनेश्वरी- गुप्त नवरात्रि के चौथे दिन की देवी हैं मां भुवनेश्वरी। इनकी पूजा से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।
भैरवी- गुप्त नवरात्रि के पांचवें दिन की देवी हैं माता भैरवी। इनकी पूजा करने से शत्रुओं का नाश होता है।
छिन्नमस्ता- गुप्त नवरात्रि के छठे दिन की देवी हैं मां छिन्नमस्ता। इनकी पूजा करने से आत्म, दया, मुक्ति और स्वतंत्रता मिलती है। साथ ही करियर में भी तरक्की मिलती है।
धूमवती- गुप्त नवरात्रि के सातवें दिन की देवी हैं माता धूमवती। इनकी पूजा करने से व्यक्ति के दुख और दुर्भाग्य का अंत हो जाता है।
बगलामुखी- गुप्त नवरात्रि के आठवें दिन की देवी हैं मां बगलामुखी। इनकी पूजा करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है।
मातंगी- गुप्त नवरात्रि के नौवे दिन की देवी हैं मां मातंगी। इनकी पूजा से गुप्त विद्याओं की प्राप्ति होती है और साधकों के ज्ञान में वृद्धि होती है।
कमला- गुप्त नवरात्रि के आखिरी दिन माता कमला की पूजा होती है। माता के इस स्वरूप की पूजा करने से धन, ऐश्वर्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है।
