Grishneshwar Jyotirling Darshan And Aarti Time: घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग भारत का 12 वां ज्योतिर्लिंग है। ये ज्योतिर्लिंग सबसे प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग में से एक है। इस मंदिर में सावन के समय में और महाशिवरात्रि के समय में भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है। ये मंदिर लगभग 3,000 साल पुराना माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस स्थान पर खुद महादेव आए थे। इस मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का दृश्य भी उकेरा गया है। इस मंदिर को विश्व धरोहर के रूप में भी स्थापित किया गया है। इस मंदिर के दर्शन करने से भक्तों को परमसुख की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं इस मंदिर के दर्शन और आरती का समय के बारे में।
Grishneshwar Jyotirling Darshan Time (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन टाइमिंग)
घृष्णेश्वर मंदिर में भक्तों के दर्शन के लिए सुबह 04:00 बजे से ही ये मंदिर खुल जाता है। ये मंदिर रात के 10 बजे तक खुला रहता है। सावन के महीने में भक्तों के दर्शन का समय प्रातकाल: 03:00 से प्रारंभ होकर रात्रि में 11:00 बजे तक रहता है। ज्योतिर्लिंग के दर्शन का समय लगभग 2 घंटे का रहता है।
Grishneshwar Jyotirling Aarti Time (घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग आरती टाइम)
- मंगल आरती प्रातः 04:00 बजे
- जलहरि सघन 08:00 बजे
- महाप्रसाद 12:00 बजे
- जलहरि सघन 16:00 बजे
- संध्या आरती – ग्रीष्म 19:30 बजे
- संध्या आरती – शीत ऋतु 17:40 बजे
- रात्रि आरती 22:00 बजे
घृष्णेश्वर मंदिर अभिषेक का समय
अभिषेक के लिए सुबह का समय – सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक
अभिषेक के लिए दोपहर का समय – दोपहर 1:00 बजे से शाम 7:00 बजे तक
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महत्व
घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग शिव जी का 12 वां ज्योतिर्लिंग है। इस मंदिर में दर्शन करने से भक्तों के सारे पाप और कष्ट से मुक्ति मिल जाती है। पुराणों के अनुसार घुश्मेश्वर महादेव के दर्शन करने से साधक को सुख, समृद्धि प्राप्ति होती है।
