Grahan In May 2025: मई का महीना चल रहा है। ऐसे में लोग ये जानना चाहते हैं कि क्या इस महीने में कोई ग्रहण लगेगा तो आपको बता दें कि इस पूरे महीने में कोई ग्रहण नहीं लगने वाला है। न ही सूर्य ग्रहण और न ही चंद्र ग्रहण। बता दें इस साल कुल 4 ग्रहण हैं। जिनमें से दो ग्रहण पहले ही लग चुके हैं और अब दो ग्रहण लगने बाकी हैं। जानिए साल के अन्य दो ग्रहण कब लगेंगे और ग्रहण लगने के धार्मिक कारण क्या हैं।
मई में ग्रहण कब लग रहा है 2025 (May Grahan 2025 Date)
साल का दूसरा सूर्य ग्रहण 21 सितंबर 2025 को लगेगा। ये ग्रहण न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया का दक्षिण भाग में दिखाई देगा तो वहीं साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 7 सितंबर को लगेगा। ये ग्रहण भारत समेत संपूर्ण एशिया, ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, न्यूजीलैंड, पश्चिमी और उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका के पूर्वी क्षेत्र में दिखाई देगा।
ग्रहण लगने के धार्मिक कारण (Grahan Kyu Lagta Hai)
पौराणिक कथाओं अनुसार सूर्य और चंद्र ग्रहण के लिए राहु और केतु को उत्तरदायी माना जाता है। क्योंकि ऐसी मान्यता है कि जब समुद्र मंथन के समय देवता और दानवों के बीच में अमृत को लेकर युद्ध शुरू हो गया था तो भगवान विष्णु जी ने मोहिनी रूप लेकर चालाकी से देवताओं को अमृत पिलाने का सोचा। मोहिनी धीरे-धीरे उसी अमृत को देवताओं के मध्य वितरित करने लगी। लेकिन भगवान विष्णु की इस योजना का स्वरभानु नाम के दैत्य को पता चल गया और वो देवताओं का भेष बदलकर देवताओं की पंक्ति में बैठ गया और अमृत प्राप्त करने की चेष्टा करने लगा। उसकी ये चाल सूर्य और चंद्रमा समझ गए और उसका सच मोहिनी अवतार धारण किए भगवान श्री हरि विष्णु जी को बता दिया। फिर भगवान विष्णु ने अपने सुदर्शन चक्र से राहु की गर्दन को उसके धड़ से अलग कर दिया, परंतु तब तक अमृत की कुछ बूंदें वह राक्षस ग्रहण कर चुका था जिससे अमृत का प्रभाव उसके ऊपर हो चुका था और उसकी मृत्यु नहीं हुई। इस प्रकार, उस दैत्य का सर राहु व धड़ केतु के नाम से जाना गया। यही वजह है कि राहु और केतु सूर्य और चंद्रमा को अपना दुश्मन मानते हैं और इसी कारण सूर्य और चंद्रमा को ये दोनों ग्रह समय-समय पर ग्रसित करते हैं। जब ये ग्रह चंद्रमा को ग्रसित करते हैं तब चंद्र ग्रहण लगता है और जब सूर्य को ग्रसित करते हैं तब सूर्य ग्रहण लगता है।
