अध्यात्म

Govardhan Puja Shubh Muhurat 2023: गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व यहां जानें

Govardhan Puja Shubh Muhurat 2023: पंचांग अनुसार गोवर्धन का त्योहार 14 नवंबर 2023 को मनाया जाएगा। वहीं गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 06:43 से 08:52 तक रहेगा। जानिए गोवर्धन पूजा क्योंं की जाती है।

Image

Govardhan Puja 2023 Date And Time

Govardhan Puja Shubh Muhurat 2023: हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। ये त्योहार प्रत्येक साल कार्तिक मास में शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को मनाया जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा 14 नवंबर 2023 को की जाएगी। इस त्योहार को अन्न कूट (Annakut Puja Kab Hai 2023) के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन गोवर्धन पर्वत, गाय और भगवान श्री कृष्ण की पूजा की जाती है। यहां जानिए गोवर्धन पूजा की विधि और शुभ मुहूर्त।

Govardhan Puja Mantra (गोवर्धन पूजा मंत्र)

गोवर्धन धराधार गोकुल त्राणकारक।

विष्णुबाहु कृतोच्छ्राय गवां कोटिप्रभो भव।।

Annakut/Govardhan Puja 2023 Date And Time (गोवर्धन पूजा की तारीख और शुभ मुहूर्त)

  • गोवर्धन पूजा 14 नवंबर 2023 मंगलवार को है।
  • गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त प्रातःकाल 06:43 से 08:52 तक रहेगा।
  • प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ 13 नवम्बर 2023 की दोपहर 02:56 से होगा।
  • प्रतिपदा तिथि की समाप्ति 14 नवम्बर 2023 की दोपहर 02:36 पर होगी।

Annakut/Govardhan Puja Kab Hoti Hai (गोवर्धन पूजा कब होती है)

अमूमन गोवर्धन पूजा दीवाली के अगले दिन पड़ती है लेकिन कभी-कभी दीवाली और गोवर्धन पूजा के बीच एक दिन का अन्तर भी आ जाता है। जैसा कि इस साल हुआ है। दरअसल ये अंतर तिथि के आगे बढ़ने के कारण होता है। धार्मिक ग्रन्थों में कार्तिक माह की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा मनाने का विधान बताया गया है। अब ये प्रतिपदा तिथि के प्रारम्भ होने के समय पर निर्भर करता है कि गोवर्धन पूजा कब होगी।

Govardhan Drawing

govardhan drawing

govardhan drawing

Annakut/Govardhan Puja Significance (गोवर्धन पूजा क्यों की जाती है)

पौराणिक कथा अनुसार एक बार भगवान इंद्र ने अपना मान जताने के लिए ब्रज में मूसलाधार बारिश की थी तब श्री कृष्ण भगवान ने ब्रज वासियों की रक्षा के लिए गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठा लिया था। इससे इंद्र देव का अहंकार टूट गया। भगवान कृष्ण के द्वारा उठाए गए गोवर्धन पर्वत के नीचे सभी गोप-गोपियां, ग्वाल-बाल, पशु-पक्षी सुख पूर्वक और बारिश से बचकर रहे। माना जाता है तभी से ही गोवर्धन पूजा, या जिसे अन्नकूट उत्सव भी कहते हैं उसकी शुरुआत हुई।
TNN Spirituality Desk
TNN अध्यात्म डेस्क author

अध्यात्म और ज्योतिष की दुनिया बेहद दिलचस्प है। यहां हर समय कुछ नया सिखने और जानने को मिलता है। अगर आपकी अध्यात्म और ज्योतिष में गहरी रुचि है और आप इस विषय से जुड़ी हर एक जानकारी जैसे गृह-नक्षत्रों में होने वाले बदलाव, आगामी व्रत त्यौहार, ज्योतिष और वस्तु उपाय आदि विषयों से अपडेट रहना चाहते हैं, तो आपको इस प्लेटफॉर्म पर ये सबकुछ एक साथ मिल जाएगा

और पढ़ें
End of Article