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घर पर मां सरस्वती की पूजा कैसे करें? नोट करें बसंत पंचमी पर सरस्वती माता की पूजा विधि

Ghar Me Saraswati Puja Kaise Kare: देशभर में आज सरस्वती पूजा की धूम मची है। कई लोग आज के दिन मां सरस्वती की पूजा मंदिर में जाकर करते हैं तो कुछ लोग ऐसे भी हैं जो घर में इस पूजा को करते हैं। अगर आपको बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा घर पर करनी है तो आप यहां से इसकी पूरी विधि जान सकते हैं।

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घर पर मां सरस्वती की पूजा कैसे करें (AI Generated)

Ghar Me Saraswati Puja Kaise Kare: बसंत पंचमी के दिन ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। कहते हैं कि इस दिन मां सरस्वती का जन्म हुआ था। इस साल ये दिन आज यानी 23 फरवरी को है। शास्त्रों में भी मां सरस्वती की पूजा पूरे विधि-विधान से करने के बारे में बताया गया है। अगर आपको घर पर माता की पूजा करनी है तो आप यहां से सामान की लिस्ट के साथ पूजा की पूरी विधि भी समझ सकते हैं।

घर पर मां सरस्वती की पूजा करने के लिए क्या-क्या सामान चाहिए?

  • मां सरस्वती की फोटो/मूर्ति
  • हल्दी
  • कुमकुम
  • धूपबत्ती
  • इत्र
  • सिंदूर
  • रोली
  • अक्षत
  • आम के पत्ते
  • पीले फूल
  • माला
  • लकड़ी की चौकी
  • पीला कपड़ा
  • कलश
  • पके हुए केले की फली
  • नारियल
  • मालपुआ
  • घी
  • पीली मिठाई
  • तिल के लड्डू
  • गुलाल
  • श्रृंगार का सामान
  • पीली चुनरी या साड़ी

घर पर मां सरस्वती की पूजा कैसे करें?

बसंत पंचमी के दिन सरस्वती माता की पूजा घर पर करने के लिए सबसे पहले पूजा घर में एक लकड़ी को चौकी रखें और उसपर पीला कपड़ा बिछाएं। अब इसपर मां सरस्वती की फोटो या मूर्ति रखें। इसके बाद आपको चारों ओर गंगाजल छिड़कना है और माता सरस्वती का आचमन करके स्नान कराना है। फिर “मम सर्वविद्या-बुद्धि-विवेक-वाक्शुद्धि-सिद्ध्यर्थं श्रीसरस्वतीदेव्याः पूजनं करिष्ये- मंत्र पढ़कर संकल्प लें। इसके बाद

या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता।

या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।।

या ब्रह्माच्युतशंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता।

सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा।।

मंत्र के साथ देवी का आवाहन करें। फिर देवी को फूलों की माला अर्पित कर सिंदूर, अक्षत और श्रृंगार का सामान चढ़ाएं। इसके बाद माता के चरणों में गुलाल चढ़ाएं। फिर माता को वस्त्र पहनाकर विधि-विधान से पूजा करें और मिठाई-पकवान आदि चढ़ाएं। आप चाहें तो जरूरतमंदों को कॉपी-किताब का दान दे सकते हैं। फिर कथा और आरती के बाद सभी में प्रसाद बांटें। शाम के समय भी देवी सरस्वती की पूजा की जाती है।

सरस्वती माता की पूजा में रखें ये सावधानी-

सरस्वती पूजा के बाद कुछ समय अध्ययन, लेखन या संगीत अभ्यास करना अत्यंत शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पढ़ाई की गई विद्या लंबे समय तक स्मरण रहती है। छोटे बच्चों के लिए अक्षर अभ्यास या विद्यारंभ करना भी लाभकारी माना गया है। पूजा के बाद पुस्तकों का अपमान न करें और उन्हें जमीन पर न रखें। इस दिन बाल कटवाना या अनावश्यक विवाद से बचने की सलाह दी जाती है। पीले रंग का दान करना और जरूरतमंदों की सहायता करना पुण्यकारी माना गया है। बसंत पंचमी पर किया गया संकल्प जीवन में सकारात्मक दिशा प्रदान करता है और मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने में सहायक होता है।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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