अध्यात्म

Ganesh Ji Ki Aarti: गणेश जी की आरती, जय गणेश जय गणेश देवा आरती लिरिक्स इन हिंदी

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Feb 23, 2023, 05:39 PM IST

Ganesh Aarti Lyrics In Hindi (Jai Ganesh Jai Ganesh Jai Ganesh Deva Aarti): श्री गणेश जी की आरती, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा आरती लिरिक्स इन हिंदी, गणपति जी की आरती।

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जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवता आरती इन हिंदी

Ganesh Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi: भगवान गणेश को प्रथम पूज्य देवता माना जाता है। किसी भी शुभ काम या पूजा की शुरुआत इनकी अराधना से की जाती है। इसलिए पूजा में सबसे पहले गणपति जी की आरती जरूर करनी चाहिए। कहते हैं इनकी उपासना से हर काम सफल हो जाता है। प्रतिदिन सुबह-शाम पूजा में भगवान गणेश की जय गणेश जय गणेश आरती जरूर करनी चाहिए। जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा आरती लिरिक्स।

गणेश जी की आरती (Ganesh Ji Ki Aarti)

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

एक दंत दयावंत,

चार भुजा धारी ।

माथे सिंदूर सोहे,

मूसे की सवारी ॥

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

पान चढ़े फल चढ़े,

और चढ़े मेवा ।

लड्डुअन का भोग लगे,

संत करें सेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

अंधन को आंख देत,

कोढ़िन को काया ।

बांझन को पुत्र देत,

निर्धन को माया ॥

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

'सूर' श्याम शरण आए,

सफल कीजे सेवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

दीनन की लाज रखो,

शंभु सुतकारी ।

कामना को पूर्ण करो,

जाऊं बलिहारी ॥

जय गणेश जय गणेश,

जय गणेश देवा ।

माता जाकी पार्वती,

पिता महादेवा ॥

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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