अध्यात्म

फरवरी 2026 की पहली एकादशी कब है, फरवरी में सबसे पहले कौन- सी एकादशी है, विजया एकादशी कब है?

  • Authored by: Srishti
  • Updated Feb 6, 2026, 09:52 AM IST

February 2026 Ki Pehli Ekadashi (फरवरी की पहली एकादशी कब है): हर महीने में दो एकादशी आती जो शुक्ल पक्ष की और कृष्ण पक्ष की एकादशी कहलाती है। तो अब फरवरी के महीने की पहली एकादशी कब है और इसकी सही तारीख क्या है, ये आप यहां से जान सकते हैं। साथ ही इस एकादशी का नाम, मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में भी बताया गया है।

फरवरी 2026 की पहली एकादशी कब है (pc: pinterest)

फरवरी 2026 की पहली एकादशी कब है (pc: pinterest)

February 2026 Ki Pehli Ekadashi (फरवरी की पहली एकादशी कब है): एकादशी हिंदू कैलेंडर के अनुसार प्रत्येक चंद्र पखवाड़े (शुक्ल और कृष्ण पक्ष) के 11वें दिन आने वाली एक पवित्र तिथि है। एकादशी भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा को समर्पित होता है। फरवरी महीने की शुरुआत हो गई है तो इस महीने की पहली एकादशी किस दिन है, ये आप यहां से जान सकते हैं। फरवरी की पहली एकादशी का नाम क्या है, इसके मुहूर्त क्या हैं और पूजा कैसे करनी है, ये सारी जानकारी यहां है।

फरवरी 2026 की पहली एकादशी कब है?

हिंदू पंचांग के अनुसार, कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर होगी, वहीं 13 फरवरी को दोपहर 2 बजकर 25 मिनट पर इसका समापन होगा। उदयातिथि के अनुसार, फरवरी महीने की पहली एकादशी 13 फरवरी के दिन है। इस एकादशी को विजया एकादशी कहते हैं।

विजया एकादशी के मुहूर्त 2026-

  • ब्रह्म मुहूर्त- 05:18 AM से 06:10 AM
  • अभिजित मुहूर्त- 12:13 PM से 12:58 PM
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:07 PM से 06:33 PM
  • अमृत काल- 09:08 AM से 10:54 AM
  • प्रातः सन्ध्या- 05:44 AM से 07:01 AM
  • विजय मुहूर्त- 02:27 PM से 03:11 PM
  • सायाह्न सन्ध्या- 06:10 PM से 07:27 PM
  • निशिता मुहूर्त- 12:09 AM से 01:01 AM, फरवरी 14

विजया एकादशी के मंत्र-

  • ऊं विष्णवे नमः।।
  • ऊं ह्रीं कार्तविर्यार्जुनो नाम राजा बाहु सहस्त्रवान।
  • यस्य स्मरेण मात्रेण ह्रतं नष्‍टं च लभ्यते।।
  • ऊं नारायणाय विद्महे वासुदेवाय धीमहि तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।।

फरवरी की पहली एकादशी की पूजा कैसे करें?

विजया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करें और पीले रंग के वस्त्र धारण करें। एक चौकी लें, उसपर भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें। देसी घी का दीपक जलाएं, फूल-माला चढ़ाएं, चंदन का तिलक लगाएं और तुलसी पत्र अर्पित करें। भगवान विष्णु को पंचामृत, फल और मखाने की खीर या घर पर बनी कोई भी मिठाई अर्पित करें। विजया एकादशी कथा का पाठ करें और श्री हरि के मंत्रों का जाप करें। आरती से पूजा को पूरी करें और परिवार के सभी सदस्यों में पंचामृत बांटें। इस दिन जो लोग व्रत नहीं कर रहे हैं, उन्हें भी चावल से परहेज करना चाहिए। अगले दिन प्रसाद से व्रत का पारण करें। शाम के समय भी विधिवत पूजा करें।

फरवरी की दूसरी एकादशी कब है?

फरवरी महीने की दूसरी एकादशी 27 फरवरी 2026, शुक्रवार के दिन है। ये एकादशी आमलकी एकादशी है। आमलकी एकादशी को रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा की जाती है।

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सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्... और देखें

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