अध्यात्म

दूसरा बड़ा मंगल पर करें ये उपाय चमक जाएगी आपकी किस्मत

Bada Mangal 2025 Date: दूसरा बड़ा मंगल 20 मई 2025 को पड़ रहा है। ये पर्व उत्तर भारत, खासकर लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में बड़े श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाता है। यहां हम आपको बताएंगे इस शुभ दिन पर किन उपायों को करने से आपकी किस्मत चमक सकती है।

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Dusra Bada Mangal 2025 Date

Bada Mangal 2025 Date: बड़ा मंगल केवल एक धार्मिक दिन ही नहीं है, बल्कि आस्था, सेवा और समर्पण का प्रतीक भी है। कहते हैं इस दिन जो कोई श्रद्धालु सच्चे मन से बजरंगबली की पूजा करता है उसके जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। बड़ा मंगल विशेष रूप से उत्तर भारत में मनाया जाता है। इस शुभ दिन के इतिहास का संबंध रामायण और महाभारत काल से माना जाता है। कहते हैं एक बार पांडव पुत्र भीम को अपने बल और शक्‍ति पर घमंड हो गया था तब हनुमान जी वहां पर एक बूढ़े वानर के रूप में प्रकट हुए और उन्होंने भीम का घमंड तोड़ा। कहते हैं तभी से ज्येष्ठ महीने के मंगलवार को बड़ा मंगल और बुढ़वा मंगल के नाम से जाना जाने लगा। यहां हम आपको बताएंगे बड़ा मंगल से जुड़े खास उपाय।

बड़ा मंगल के उपाय (Bada Mangal Ke Upay)

  • बड़ा मंगल पर हनुमान चालीसा का 11 बार पाठ करें। कहते हैं इससे जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं।
  • मंगलवार को बजरंग बली को सिंदूर, लाल चोला और बूंदी का भोग लगाएं।
  • इस दिन हनुमान मंदिर में नारियल और लाल झंडा चढ़ाएं।
  • भंडारे का आयोजन करें क्योंकि इस दिन भोजन कराने से विशेष पुण्य प्राप्त होता है।
  • "ॐ हं हनुमते नमः" का जाप कम से कम 108 बार करें।

बड़ा मंगल के उपायों से मिलने वाले लाभ

बड़ा मंगल से जुड़े ये उपाय करने से संकटों से मुक्ति मिलती है और कर्ज से भी छुटकारा मिल जाता है। यह पुण्य अर्जित करने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है इसलिए इस दिन इन उपायों को जरूर करना चाहिए।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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