देवी-देवताओं को प्रसन्न करने के लिए मंत्रों के जाप का विशेष महत्व बताया गया है। कहते हैं मंत्र में वो शक्ति होती है जिससे भगवान तुरंत ही प्रसन्न हो जाते हैं। हर देवी-देवता का कोई न कोई मंत्र होता है। इन मंत्रों का सच्चे मन से जाप आपको जीवन की सभी बाधाओं से मुक्ति दिला सकता है। ऐसे में दिवाली पूजा के समय भी मंत्रों का जाप करना न भूलें। यहां जानें दिवाली पूजा के मंत्र।
दिवाली पूजा मां लक्ष्मी मंत्र (Diwali Puja Maa Laxmi Mantra)
1. लक्ष्मी बीज मंत्र
ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
2. महालक्ष्मी मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
3. लक्ष्मी गायत्री मंत्र
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
दिवाली पूजा मंत्र (Diwali Puja Mantra)
महालक्ष्मी नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं सुरेश्वरि
हरि प्रिये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं दयानिधे
पद्मालये नमस्तुभ्यं, नमस्तुभ्यं च सर्वदा
सर्वभूत हितार्थाय, वसु सृष्टिं सदा कुरुं
नमस्ते सर्वगेवानां वरदासि हरे: प्रिया
या गतिस्त्वत्प्रपन्नानां या सा मे भूयात्वदर्चनात्
ऐरावतसमारूढो वज्रहस्तो महाबल:
शतयज्ञाधिपो देवस्तस्मा इन्द्राय ते नम:
धनदाय नमस्तुभ्यं निधिपद्माधिपाय च
भवन्त त्वत्प्रसादान्मे धनधान्यादि सम्पद:
सुख-समृद्धि के लिए मां लक्ष्मी का मंत्र
या रक्ताम्बुजवासिनी विलासिनी चण्डांशु तेजस्विनी।
या रक्ता रुधिराम्बरा हरिसखी या श्री मनोल्हादिनी॥
या रत्नाकरमन्थनात्प्रगटिता विष्णोस्वया गेहिनी।
सा मां पातु मनोरमा भगवती लक्ष्मीश्च पद्मावती ॥
गणेश जी मंत्र
1. ॐ वक्रतुण्ड़ महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरू मे देव, सर्व कार्येषु सर्वदा।।
2. श्री गणेश बीज मंत्र ॐ गं गणपतये नमः ।।
3. ॐ एकदन्ताय विहे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्तिः प्रचोदयात्।
कुबेर देवता मंत्र
ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतये
धनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥
