Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी का दिन जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन विष्णु जी की पूजा और व्रत रखने का विधान है। मान्यता है कि इस दिन किए गए तप से पुराने से पुराने पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही मोक्ष मिलने की संभावना बढ़ जाती है। हालांकि, आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि यानी देवशयनी एकादशी के दिन 11 नियमों का पालन करना भी जरूरी होता है। यदि भक्त इन 11 नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे अपनी पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। चलिए जानें देवशयनी एकादशी 2026 की तिथि और 11 नियमों के बारे में।
देवशयनी एकादशी के 11 नियम
देवशयनी एकादशी के दिन ये 11 काम करें-
- व्रत वाले दिन प्रात: काल में स्नान आदि कार्य करने के पश्चात भगवान विष्णु की पूजा करें। पूजा के लिए विष्णु जी की सोने, चांदी, तांबे या पीतल की मूर्ति को खुद अपने हाथ से सजाएं। मूर्ति को पीले या सफेद रंग के वस्त्र पहनाएं। इसके बाद उन्हें छोटे पलंग पर शयन कराएं।
- दक्षिणावर्ती शंख में गंगाजल भरकर विष्णु जी की मूर्ति का अभिषेक करें।
- गंगाजल के अलावा विष्णु जी की मूर्ति का दूध से भी अभिषेक करें। अभिषेक के लिए गाय का कच्चा दूध लें, जिसमें केसर जरूर मिलाएं।
- व्रत का संकल्प जरूर लें।
- विष्णु जी को खीर के अलावा पीले रंग के फल और मिठाई का भी भोग लगाएं।
- भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें।
- विष्णु जी की आरती करें।
- विष्णु जी की पूजा के दौरान मां लक्ष्मी का स्मरण करें।
- विष्णु जी की पूजा के बाद पीपल के पेड़ में जल चढ़ाएं।
- विष्णु जी के मंदिर में अन्न का दान करें।
- शाम में देवी तुलसी की पूजा करें।
- क्रोध न करें।
- झूठ न बोलें।
- जुआ न खेलें।
- दातून न करें।
- चुगली करने से बचें।
- गलती से भी पान न खाएं।
- शारीरिक संबंध न बनाएं।
- दूसरों की भूलकर भी बुराई न करें।
- किसी भी सामान की चोरी न करें।
- हिंसा न करें और न ही उसमें शामिल हों।
- रात में सोने की जगह विष्णु जी की मूर्ति के पास बैठकर भजन करें।
2026 में देवशयनी एकादशी कब है?
द्रिक पंचांग की गणना के अनुसार, इस बार 24 जुलाई 2026 की सुबह 09 बजकर 12 मिनट से 25 जुलाई 2026 की सुबह 11 बजकर 34 मिनट तक आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि रहेगी, जिस हिसाब से 25 जुलाई 2026, शनिवार को देवशयनी एकादशी मनाई जाएगी।
डिस्क्लेमर: यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।
