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Dev Uthani Ekadashi Puja Samagri List: देवउठनी एकादशी की संपूर्ण पूजा सामग्री लिस्ट यहां चेक करें

Dev Uthani Ekadashi Puja Samagri List: साल की सबसे बड़ी एकादशी को देव उठनी एकादशी, देवुत्थान एकादशी और प्रबोधिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। जानिए इस एकादशी की पूजा में किन-किन चीजों की जरूरत पड़ती है।

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Dev Uthani Ekadashi Puja Samagri

Dev Uthani Ekadashi Puja Samagri List (देव उठनी एकादशी पूजा सामग्री): कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही देव उठनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार ये दिन भगवान विष्णु समेत समस्त देवताओं के जागने का होता है। इसलिए इसे देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। इस दिन कई लोग तुलसी विवाह का भी आयोजन करते हैं। कहते हैं देव उठनी एकादशी पर तुलसी माता का विवाह शालिग्राम भगवान से कराने से सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। चलिए आपको बताते हैं देव उठनी एकादशी की पूजा में क्या-क्या सामान लगता है।

देव उठनी एकादशी पूजा सामग्री (Dev Uthani Ekadashi Puja Samagri)

  • भगवान विष्णु की प्रतिमा
  • तुलसी का पौधा
  • गन्ना
  • बेर
  • सीताफल
  • अमरूद
  • मौसमी फल
  • दो चौकी
  • मूली
  • बेर
  • शकरकंद
  • पान-सुपारी
  • चंदन
  • पीले रंग के फूल, मिठाई और केला
  • बिल्व पत्र
  • सिंघाड़ा
  • लाल चुनरी
  • साड़ी या लाल लहंगा तुलसी माता केे लिए
  • भगवान के वस्त्र
  • सुहाग का सामान
  • हल्दी
  • धूप
  • दीप

देव उठनी एकादशी पर क्या करते हैं

देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इसके अलावा कई लोग इस दिन तुलसी विवाह भी कराते हैं। मान्यताओं अनुसार एकादशी के दिन तुलसी विवाह कराने से परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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