Dattatreya Jayanti 2023 Aarti: हिंदू धर्म में दत्तात्रेय जयंती का बहुत महत्व है। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा का विधान है। इस दिन भगवान दत्तात्रेय की पूजा करने से साधक को तमाम पापों से मुक्ति मिलती है। हर साल मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन दत्तात्रेय जयंती मनाई जाती है। इस साल 26 दिसंबर यानि आज दत्तात्रेय जयंती मनाई जा रही है। इन्हें भगवान दत्त के नाम से भी जाना जाता है। इनकी पूजा करने से ब्रह्मा, विष्णु, महेश तीनों का आर्शीवाद प्राप्त होता है। इस दिन दत्तात्रेय की आरती का पाठ करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। यहां देखें आरती लिरिक्स।
Dattatreya Aarti Lyrics (दत्तात्रेय आरती लिरिक्स)
त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा ।त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा ।
नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥
सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥
जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता ।
आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥
सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त ।
अभाग्यासी कैची कळेल हि मात ॥
पराही परतली तेथे कैचा हेत ।
जन्ममरणाचाही पुरलासे अंत ॥
दत्त येऊनिया ऊभा ठाकला ।
भावे साष्टांगेसी प्रणिपात केला ॥
प्रसन्न होऊनि आशीर्वाद दिधला ।
जन्ममरणाचा फेरा चुकवीला ॥
दत्त दत्त ऐसें लागले ध्यान ।
हरपले मन झाले उन्मन ॥
मी तू पणाची झाली बोळवण ।
एका जनार्दनी श्रीदत्तध्यान ॥
