अध्यात्म

करवा चौथ पर महिलाओं को नहीं पहननी चाहिए इस रंग की सूट और साड़ी, जानें करवा चौथ पर किन रंगों से बचना चाहिए?

Colours To Avoid On Karwa Chauth: करवा चौथ पर जैसे व्रत रखने के कुछ नियम होते हैं, ठीक वैसे ही इस दि खाने और पहनने को लेकर भी शुभ-अशुभ देखा जाता है। कुछ ऐसे रंग है, जिस रंग की सूट या साड़ी महिलाओं को करवा चौथ के दिन बिल्कुल भी नहीं पहननी चाहिए।

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करवाचौथ पर भूलकर भी न पहनें ये रंग (pic credit:instagram)

Colours To Avoid On Karwa Chauth: करवा चौथ के दिन साज-श्रृंगार का इतना महत्व होता है कि क्या पहनना है, इस बात का महिलाएं खास ध्यान रखती हैं। करवा चौथ के दिन वैसे तो सबसे ज्यादा सुहागिनें लाल रंग का सूट और साड़ी पहनती हैं लेकिन अगर कोई और रंग पहनने का भी मन हो तो कोई शुभ रंग ही देखा जाता है। कुछ ऐसे रंग भी हैं, जिसे करवा चौथ के दिन नहीं पहनना चाहिए। यहां हम आपको उन्हीं रंगों के बारे में बता रहे हैं।

1. काला रंग

काला रंग अंधकार को दिखाता है और इसे शुभ नहीं माना जाता है, इसलिए आपको करवा चौथ के दिन काला रंग तो बिल्कुल भी नहीं पहनना चाहिए। आप ध्यान दें कि आपकी साड़ी-ब्लाउज या सूट में कहीं भी काला रंग न हो।

2. सफेद रंग

सफेद रंग करवा चौथ के लिए नहीं है। व्रत के दिन तो इस रंग को नहीं पहनना चाहिए। इस रंग को पहनने से दांपत्य जीवन में उदासी आती है और रिश्ते बिगड़ते हैं। ये रंग शोक और उदासी का है।

3. गहरा नीला रंग

कहते हैं कि गहरा नीला रंग निगेटिव एनर्जी को अट्रैक्ट करता है। इसलिए करवा चौथ के दिन इस रंग को भूलकर भी नहीं पहनना चाहिए।

4. ग्रे कलर

ग्रे कलर को संतुलनहीनता का प्रतीक माना गया है। करवा चौथ जैसे शुभ अवसर पर इस रंग को पहनने से बचना चाहिए। ये रंग पति-पत्नी के जीवन में अस्थिरता और उलझनों को पैदा करता है।

5. भूरा रंग

भूरी रंग का संबंध राहु से है और इस रंग को अगर आप करवा चौथ पर पहनते हैं तो आपके वैवाहिक जीवन में परेशानी आती है। आप भूरे रंग की साड़ी या सूट न पहनें।

Srishti
सृष्टिauthor

सृष्टि टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की फीचर डेस्क से जुड़ी कंटेंट राइटर हैं, जो मुख्य रूप से धर्म और लाइफस्टाइल सेक्शन के लिए लिखती हैं। सृष्टि को आध्यात्म, भारतीय संस्कृति और साहित्य में गहरी रुचि है। यही वजह है कि उनके लेखों में परंपरा, आस्था और जीवनशैली की सहज समझ खूबसूरती से दिखाई देती है। वह धार्मिक कथाओं, ग्रंथों से जुड़े विषयों, आध्यात्मिक ट्रेंड्स और समकालीन जीवनशैली पर 5,000 से अधिक लेख लिख चुकी हैं। मॉडर्न लाइफस्टाइल और पारंपरिक मूल्यों के बीच संतुलन बनाते हुए वह ऐसे कंटेंट गढ़ती हैं, जो प्रेरक होने के साथ-साथ जानकारीपूर्ण भी होता है।

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