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Chitragupta Puja Vidhi And Samagri: इस तरह से करें चित्रगुप्त जी की पूजा, यहां जानिए विधि और पूजन सामग्री

Chitragupta Puja 2024 Puja Vidhi And Samagri: चित्रगुप्त पूजा हर साल कार्तिक महीने की शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर की जाती है। ऐसे में आइए जानते हैं चित्रगुप्त पूजा विधि और सामग्री के बारे में।

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Chitragupta Puja 2024 Puja Vidhi

Chitragupta Puja 2024 Puja Vidhi And Samagri: चित्रगुप्त पूजा इस साल 3 नवंबर 2024 को की जाएगी। इसी दिन भाई दूज का पर्व भी मनाया जाएगा। चित्रगुप्त पूजा के दिन भगवान चित्रगुप्त की पूजा विधिपूर्वक की जाती है। चित्रगुप्त भगवान को मृत्यु के देवता यमराज के लेखपाल माना जाता है। ये सभी के कर्मों का हिसाब किताब रखते हैं। चित्रगुप्त पूजा के दिन बही खाते, कलम दवात और अपने कार्यस्थल की पूजा की जाती है। चित्रगुप्त भगवान की पूजा खासतौर पर व्यापारी लोगों के द्वारा की जाती है। इनके द्वारा ये पूजा करने से इनके व्यापार में विधि होती है। आइए जानें इस पूजा की विधि और सामग्री के बारे में।

Chitragupta Puja 2024 Puja Vidhi (चित्रगुप्त पूजा विधि)

  • चित्रगुप्त पूजा के दिन सुबह स्नान के बाद साफ चौकी पर चित्रगुप्त की प्रतिमा स्थापित करें।
  • उसके बाद भगवान चित्रगुप्त को चंदन, तिलक और फूल फूल अर्पित करें।
  • फिर पूरे विधि- विधान के साथ चित्रगुप्त भगवान की पूजा करें।
  • इस दिन पूजा के समय बही खाते को भी बाहर निकाल लें और कलम दवात की भी पूजा करें।
  • एक सफेद कागज पर अपने लेखे जोखे का विवरण लिख दें और चित्रगुप्त का मंत्र 11 बार लिखें।
  • पूजा करने के बाद पूजा किए हुए कलम को उठाकर अपने पास रख लें और अपने काम में उसका प्रयोग करें।
Chitragupta Ji Ke Mantra

Chitragupta Puja Samagri (चित्रगुप्त पूजा सामग्री)

  • चित्र गुप्त भगवान की प्रतिमा
  • साफ चौकी
  • लाल कपड़ा
  • सफेद कागज
  • कलम
  • दवात
  • खाता बही
  • अक्षत
  • फल
  • पीले रंग की मिठाई
  • माला
  • पीली सरसों
  • कपूर
  • तुलसी
  • गंगाजल
  • पान
  • सुपारी
  • तिल

व्यापारियों के लिए क्यों खास होती है चित्रगुप्त पूजा

चित्रगुप्त पूजा व्यापारियों के लिए बहुत ही खास मानी जाती है। इस दिन बिजनेस करने वाले लोगों के द्वारा नये बही खाते की पूजा की जाती है और उस पर 'श्री' लिखकर काम शुरू किया जाता है। इसके साथ व्यापारी लोग अपने सारे बही खाते चित्रगुप्त के सामने रखना चाहिए। चित्रगुप्त की पूजा करने से बिजनेस करने वाले लोगों को उनके व्यापार में तरक्की मिलती है और उनको मुनाफा होता है। ये पूजा कार्य स्थल पर की जाती है। चित्रगुप्त पूजन को कलम दवात पूजन भी कहा जाता है, क्योंकि इस दिन कलम और दवात की भी पूजा होती है।
Jayanti Jha
जयंती झाauthor

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुएशन पूरा किया। इसके बाद इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय से हिंदी में मास्टर्स की डिग्री ली और इसके साथ ही दिल्ली के विवेकानंद कॉलेज से हिंदी पत्रकारिता में डिपलोमा किया। डिजिटल पत्रकारिता की शुरुआत 2022 में रफ्तार से हुई। अगस्त 2023 से Times Network में timesnowhindi.com के फीचर टीम के साथ जुड़ी हूं। इससे पहले vianet media pvt. ltd में बतौरा हिंदी टाइपिस्ट 1 साल काम किया। रफ्तार में रहकर आध्यात्म पर लिखना शुरू किया । आध्यात्म के बारे में जानना और उसके बारे में चर्चा करना पसंद है। ग्रहों, नक्षत्रों और राशियों के बारे में जानना बहुत पसंद है। लोगों तक सही जानकारी देना ही मेरी प्राथमिकता रहती है।

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