Chhath Mata Ki Aarti: छठ पर्व में श्रद्धालु सूर्य भगवान और छठी मैया की उपासना करते हैं। ये पर्व उत्तर भारत के कई राज्यों में मनाया जाता है। लेकिन बिहार और उत्तर प्रदेश में इस पर्व की रौनक देखने लायक होती है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार छठ व्रत रखने से घर परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है। साथ ही संतान को लंबी आयु की प्राप्ति होती है। जिन लोगों को संतान प्राप्ति की चाह है उनके लिए भी छठ व्रत कल्याणकारी माना जाता है। छठ पूजा के दिन छठी मैया की पूजा करते समय उनकी ये आरती जरूर गानी चाहिए। यहां देखें छठ माता की आरती के लिरिक्स।
Chhath Mata Ki Aarti Lyrics In Hindi (छठ मईया की आरती लिरिक्स)
जय छठी मईया ऊ जे केरवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
ऊ जे नारियर जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
अमरुदवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
शरीफवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
ऊ जे सेववा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए।
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए॥जय॥
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय।
सभे फलवा जे फरेला खबद से, ओह पर सुगा मेड़राए॥जय॥
मारबो रे सुगवा धनुख से, सुगा गिरे मुरझाए।
ऊ जे सुगनी जे रोएली वियोग से, आदित होई ना सहाय॥जय॥
