Budh Shani Shadashtak Yog 2026: 7 नवंबर 2026 की सुबह बुध और शनि के बीच 150 डिग्री का कोण बनने से षडाष्टक योग का निर्माण हुआ है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, संवाद, व्यापार, तर्क, गणना और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन, जिम्मेदारी, देरी और संघर्ष के प्रतिनिधि ग्रह हैं। ऐसे में इन दोनों ग्रहों के बीच बनने वाला षडाष्टक संबंध व्यक्ति की सोच और उसके व्यावहारिक फैसलों के बीच तनाव पैदा कर सकता है।
इस योग का असर खास तौर पर उन लोगों पर देखने को मिल सकता है जिनकी कुंडली में बुध या शनि कमजोर स्थिति में हैं अथवा इन ग्रहों की दशा-अंतर्दशा चल रही है। गोचर के स्तर पर भी कुछ राशियों को नौकरी, कारोबार, आर्थिक मामलों और पारिवारिक संवाद में अतिरिक्त सावधानी रखनी पड़ सकती है। हालांकि यह योग हर व्यक्ति के लिए समान परिणाम नहीं देता। राशि के साथ जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति भी परिणाम तय करती है।
बुध और शनि की स्थिति से क्यों बन रहा है षडाष्टक योग
7 नवंबर की सुबह की निरयण यानी वैदिक ग्रह स्थिति के अनुसार बुध तुला राशि में लगभग 14 डिग्री 54 मिनट पर और शनि मीन राशि में लगभग 14 डिग्री 42 मिनट पर स्थित हैं। दोनों ग्रह वक्री अवस्था में हैं और इनके बीच करीब 150 डिग्री का अंतर बन रहा है। तुला और मीन राशियों का आपसी संबंध छठे-आठवें का है, जिसे ज्योतिष में षडाष्टक संबंध कहा जाता है।
बुध का तुला राशि में होना बातचीत, समझौते, व्यापारिक निर्णय और साझेदारी से जुड़े मामलों को प्रमुख बनाता है। दूसरी ओर मीन राशि में वक्री शनि पुराने कर्मों, अधूरी जिम्मेदारियों और लंबे समय से टल रहे मामलों की ओर ध्यान खींचते हैं। इस स्थिति में जल्दबाजी में लिया गया फैसला बाद में परेशानी दे सकता है। किसी की बात पर आंख बंद करके भरोसा करना, बिना दस्तावेज पढ़े समझौता करना या भावनाओं में आकर आर्थिक निर्णय लेना नुकसान की वजह बन सकता है।
इस योग का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि बुध और शनि दोनों वक्री हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से वक्री ग्रहों का प्रभाव कई बार पुराने विषयों और अधूरे कामों को दोबारा सामने लाता है। ऐसे में नौकरी, कारोबार, कागजी कार्यवाही, लेन-देन और रिश्तों में पहले से चली आ रही उलझनें फिर उभर सकती हैं। यह समय उन मामलों की समीक्षा करने का है जिन्हें बिना पूरी जांच के आगे बढ़ाया जा रहा था। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस दौरान किन राशि वालों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मेष राशि
मेष राशि के लोगोंके लिए बुध सातवें भाव और शनि बारहवें भाव में गोचर कर रहे हैं। इस वजह से साझेदारी, वैवाहिक जीवन और खर्च से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है। कारोबार में किसी पार्टनर के साथ विचारों का टकराव हो सकता है। वैवाहिक जीवन में छोटी बात को लेकर बहस बढ़ने की आशंका रहेगी। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कामों में देरी हो सकती है। बिना पूरी जानकारी के किसी को पैसा उधार देने से बचें। इस समय बातचीत में स्पष्टता रखना आपके लिए सबसे जरूरी होगा।
उपाय: शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं और 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' मंत्र का जाप करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के लोगोंके लिए बुध तीसरे भाव और शनि नौवें भाव में हैं। इस योग के प्रभाव से भाग्य के भरोसे छोड़े गए कामों में देरी हो सकती है। उच्च शिक्षा, लंबी यात्रा, कानूनी मामलों या पिता से जुड़े विषयों में अतिरिक्त प्रयास करने पड़ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को गलत तरीके से समझा जा सकता है, इसलिए बातचीत और लिखित संवाद में स्पष्टता रखें। किसी महत्वपूर्ण काम के लिए केवल दूसरों के आश्वासन पर निर्भर न रहें।
उपाय: सोमवार को भगवान शिव का जलाभिषेक करें और 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें।
सिंह राशि
सिंह राशि के लोगोंके लिए शनि आठवें भाव में और बुध तीसरे भाव में स्थित हैं। यह स्थिति अचानक आने वाली जिम्मेदारियों और कामकाज में बदलाव का संकेत दे सकती है। किसी योजना में अपेक्षा से अधिक समय लग सकता है। भाई-बहनों या करीबी लोगों के साथ बातचीत में गलतफहमी पैदा हो सकती है। यात्रा के दौरान सावधानी रखें और वाहन चलाते समय जल्दबाजी न करें। निवेश या जोखिम वाले आर्थिक फैसलों में विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
उपाय: शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और जरूरतमंद व्यक्ति को काली उड़द या काले तिल का दान करें।
कन्या राशि
कन्या राशि के स्वामी बुध हैं। ऐसे में बुध का वक्री होकर तुला राशि में रहना और शनि के साथ षडाष्टक संबंध बनाना आपके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। धन और परिवार से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं या किसी पुराने भुगतान को लेकर विवाद हो सकता है। वाणी पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा, क्योंकि गुस्से में कही गई बात परिवार या कार्यस्थल पर तनाव पैदा कर सकती है। नौकरी बदलने या नया निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो सभी पहलुओं की जांच जरूर करें।
उपाय: बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएं और गणेश जी के सामने घी का दीपक जलाकर अपनी बाधाएं दूर करने की प्रार्थना करें।
तुला राशि
तुला राशि के लोगोंके लिए यह षडाष्टक योग विशेष सावधानी का संकेत दे रहा है, क्योंकि बुध इसी राशि में गोचर कर रहे हैं और शनि छठे भाव में स्थित हैं। इस स्थिति में कामकाज का दबाव बढ़ सकता है। नौकरी करने वालों को सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाने में परेशानी हो सकती है। छोटी-सी बात पर बहस या गलतफहमी कार्यस्थल का माहौल बिगाड़ सकती है। कारोबारियों को साझेदारी और कर्मचारियों से जुड़े मामलों में सतर्क रहना होगा। स्वास्थ्य के मामले में लापरवाही न करें और काम के दबाव को खुद पर हावी न होने दें।
उपाय: बुधवार को गणेश जी को दूर्वा अर्पित करें और 'ॐ बुं बुधाय नमः' मंत्र का 108 बार जाप करें।
मीन राशि
मीन राशि के लोगोंके लिए शनि का आपकी राशि में वक्री होना और बुध के साथ षडाष्टक संबंध बनाना मानसिक दबाव बढ़ा सकता है। इस दौरान किसी फैसले पर पहुंचने में असमंजस रह सकता है। मन में एक साथ कई विचार चलने से जरूरी काम टल सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ने या वरिष्ठ अधिकारियों से मतभेद की स्थिति बन सकती है। आर्थिक मामलों में भी किसी पुराने लेन-देन या रुके हुए भुगतान को लेकर चिंता हो सकती है। रिश्तों में अपनी बात रखने का तरीका संयमित रखें, क्योंकि कठोर शब्द गलतफहमी बढ़ा सकते हैं।
उपाय: शनिवार को शनि मंदिर में सरसों के तेल का दीपक जलाएं और जरूरतमंद व्यक्ति को काले तिल या उड़द का दान करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
