Chandra Ketu Grahan Yog 2026: 6 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजकर 17 मिनट पर चंद्रमा सिंह राशि में प्रवेश करेंगे और यहां पहले से मौजूद केतु के साथ युति बनाएंगे। चंद्रमा के सिंह में आने और मघा नक्षत्र के एक्टिव होने के साथ चंद्र-केतु का यह संयोग बनता है और इससे ग्रहण योग बन जाएगा।
ज्योतिष में चंद्रमा को मन, इमोशन, नींद, सोच, मानसिक शांति और मां का कारक माना जाता है, जबकि केतु को डिटैचमेंट, कन्फ्यूजन, अचानक बदलाव, रहस्य और आध्यात्मिक सोच से जोड़ा जाता है। जब ये दोनों एक ही राशि में आ जाते हैं तो ग्रहण योग के कारण व्यक्ति के मन में ऐसी बातें चल सकती हैं जिनका कोई स्पष्ट कारण समझ नहीं आता है।
सिंह राशि सूर्य की राशि है और इसका संबंध पर्सनैलिटी, आत्मसम्मान, स्टेटस, पहचान, अथॉरिटी और लीडरशिप से है। वहीं मघा नक्षत्र का कनेक्शन पितरों, वंश, पूर्वजों और पुरानी परंपराओं से माना जाता है। ऐसे में यह युति सिर्फ मूड या इमोशन को प्रभावित करने तक सीमित नहीं रहती। कुछ लोगों के लिए यह करियर, फैमिली, रिलेशनशिप और पैसों से जुड़े पुराने मुद्दों को भी दोबारा एक्टिव कर सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन राशि वालों के लिए यह योग अच्छा नहीं रहेगा।
वृषभ राशि
वृषभ राशि के लिए सिंह चौथा भाव है। चौथा भाव घर, मां, प्रॉपर्टी, व्हीकल, फैमिली कम्फर्ट और मेंटल पीस का होता है। चंद्र-केतु की युति यहां आपके मन को बेचैन कर सकती है। बाहर से सब ठीक होने के बावजूद अंदर से संतुष्टि कम महसूस हो सकती है। घर में छोटी बात भी ज्यादा बड़ी लग सकती है। मां के साथ कम्युनिकेशन में गैप आ सकता है। प्रॉपर्टी या व्हीकल को लेकर कोई पुराना प्लान अचानक बदल सकता है। जिन लोगों का मन पहले से किसी जगह या माहौल से उचट रहा है, उन्हें अचानक घर बदलने या लाइफस्टाइल बदलने का ख्याल आ सकता है। इस दौरान बिना जांचे कोई प्रॉपर्टी या व्हीकल डील फाइनल करने से बचना बेहतर रहेगा।
उपाय: शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और मां का आशीर्वाद लेकर ही महत्वपूर्ण काम शुरू करें।
कर्क राशि
कर्क राशि के लिए सिंह दूसरा भाव है। दूसरा भाव पैसा, सेविंग, फैमिली और स्पीच का होता है। चंद्रमा आपकी राशि के स्वामी भी हैं, इसलिए यह युति आपके लिए ज्यादा सेंसिटिव हो सकती है। पैसों को लेकर चिंता बढ़ सकती है या बिना वजह खर्च का प्रेशर महसूस हो सकता है। फैमिली में किसी पुरानी बात को लेकर तनाव बन सकता है। आपकी स्पीच भी इस समय बड़ा रोल निभाएगी। गुस्से या इमोशन में कही गई बात लंबे समय का डिस्टेंस बना सकती है। फाइनेंस में शॉर्टकट, जल्दबाजी और बिना पढ़े डॉक्यूमेंट पर साइन करने से बचना चाहिए।
उपाय: सफेद चावल या दूध का दान करें और मां चंद्रमा का ध्यान करते हुए शांत मन से प्रार्थना करें।
सिंह राशि
सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा-केतु की यह युति सीधे पहले भाव में बनेगी। पहला भाव आपकी पर्सनैलिटी, कॉन्फिडेंस, सोच और ओवरऑल लाइफ डायरेक्शन को दिखाता है। यही वजह है कि इस युति का असर सिंह राशि वालों पर सबसे ज्यादा दिखाई दे सकता है। मन में अचानक यह सवाल उठ सकता है कि मैं जो कर रहा हूं, क्या वही मेरे लिए सही है? किसी बात पर बहुत ज्यादा इमोशनल रिएक्शन आ सकता है तो अगले ही पल उसी चीज से डिटैचमेंट महसूस हो सकता है। करियर में अचानक बदलाव का मन, किसी करीबी से दूरी या अपनी पर्सनैलिटी को लेकर असंतोष भी बढ़ सकता है। इस समय ईगो में आकर कोई बड़ा फैसला लेना सही नहीं रहेगा।
उपाय: रोज सुबह सूर्य को जल दें और गणेश जी की पूजा करें।
कन्या राशि
कन्या राशि के लिए सिंह बारहवां भाव है। बारहवां भाव एक्सपेंस, नींद, विदेश, प्राइवेट लाइफ और एकांत से जुड़ा है। चंद्र-केतु की युति इस भाव में होने पर ओवरथिंकिंग बढ़ सकती है और नींद का पैटर्न बिगड़ सकता है। बिना किसी बड़े कारण के मन भारी रह सकता है। खर्च अचानक बढ़ सकते हैं और ऐसी चीजों पर पैसा जा सकता है जिनकी जरूरत बाद में कम लगे। विदेश या दूर रहने वाले व्यक्ति से जुड़ी कोई पुरानी बात भी दोबारा सामने आ सकती है। इस समय रात में ज्यादा सोचने और उसी समय बड़े फैसले लेने से बचें।
उपाय: जरूरतमंद को सफेद वस्त्र या चावल दान करें और सोने से पहले कुछ मिनट मेडिटेशन करें।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालों के लिए सिंह दसवां भाव है। दसवां भाव करियर, जॉब, बॉस, बिजनेस और प्रोफेशनल इमेज का होता है। यहां चंद्र-केतु की युति करियर को लेकर कन्फ्यूजन बढ़ा सकती है। नौकरी अच्छी चल रही हो, फिर भी मन कह सकता है कि अब कुछ नया करना चाहिए। बॉस या सीनियर के साथ गलतफहमी बन सकती है। किसी मीटिंग में कही गई छोटी बात का गलत मतलब निकाला जा सकता है। कुछ लोगों को अचानक जॉब छोड़ने या करियर बदलने का विचार आ सकता है। इस समय सबसे जरूरी है कि इमोशन में आकर करियर का बड़ा डिसीजन न लें। जो बदलाव जरूरी है, उसकी पूरी प्लानिंग के बाद ही कदम उठाएं।
उपाय: सूर्य को जल दें और मंगलवार को हनुमान मंदिर में जाकर प्रार्थना करें।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और ज्योतिष विद्या के अच्छे जानकार लेखक द्वारा विश्लेषण करके दी गई है। यह केवल सूचना के लिए दी जा रही है। आपके ऊपर इसका प्रभाव आपकी व्यक्तिगत जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और महादशाओं पर भी निर्भर करेगा। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
