ईद का चांद देखने की दुआ (What to recite on the chand raat), ईद उल फितर का चांद देखने के बाद कौन सी दुआ पढ़ी जाती है: रमजान का महीना इबादत, सब्र और रहमत का महीना माना जाता है। पूरे 30 दिन रोजा रखने के बाद जब शव्वाल का चांद देख कर ईद-उल-फितर का त्योहार मनाया जाता है। इस्लामिक कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए ईद की तारीख हर साल चांद दिखने पर ही तय होती है। चांद दिखने की इस घड़ी को 'चांद रात' कहा जाता है। यह चांद रात अपने साथ ढेर सारी खुशी, उम्मीद और उमंग लेकर आती है।
चांद देखने के बाद मुसलमान एक खास दुआ पढ़ते हैं, जिसे 'चांद देखने की दुआ' कहा जाता है। यह दुआ अल्लाह के प्रति शुक्र अदा करने और नए महीने के लिए अमन और बरकत की कामना करने का तरीका है।
चांद देखने की दुआ क्या है?
चांद नजर आने पर यह दुआ पढ़ी जाती है:
अल्लाहुम्मा अहिल्लहू अलैना बिल अम्नि वल ईमान, वस्सलामति वल इस्लाम, रब्बी व रब्बुकल्लाह।
रमजान के चांद की दुआ कैसे पढ़ें
- चांद को देखकर एक या तीन बार दुआ पढ़ सकते हैं।
- हाथ उठाकर दुआ करना बेहतर माना जाता है, हालांकि बिना हाथ उठाए भी पढ़ी जा सकती है।
- दुआ के बाद अपने लिए, अपने परिवार और पूरी उम्मत के लिए खैर और बरकत की दुआ करें।
- इस वक्त गुनाहों से तौबा और अच्छे अमल की नीयत करना भी बहुत अफजल माना गया है।
चांद देखने की दुआ का अर्थ
इस दुआ का अर्थ है - या अल्लाह! इस चांद को हम पर अमन, ईमान, सलामती और इस्लाम के साथ उदित कर। ऐ चांद मेरा और तेरा रब एक ही है।
चांद की दुआ का महत्व
चांद देखने की दुआ का महत्व सिर्फ धार्मिक होने के साथ ही आध्यात्मिक भी है। दरअसल रमजान के दौरान इंसान खुद को बुराइयों से दूर रखने और अच्छाइयों के करीब लाने की कोशिश करता है। ऐसे में जब शव्वाल का चांद दिखता है, तो यह उस सफर की सफलता और एक नई शुरुआत का संकेत होता है।
इस दुआ का मकसद यह याद करने का है कि जिंदगी में हर नया दिन और हर नया महीना खुद को बेहतर बनाने का, दूसरों के प्रति दयालु बनने का और अल्लाह के करीब जाने का एक नया मौका है।
चांद देखने के बाद के कुछ खास अमल:
अल्लाह का शुक्र: चांद दिखने पर अल्लाह का शुक्र अदा करें कि उसने हमें रमज़ान के रोज़े रखने की तौफीक दी।
तल्बीह पढ़ना: चांद देखते ही ईद की खुशी में तकबीर (अल्लाहु अकबर...) पढ़ना सुन्नत है।
दुआ की कबूलियत: यह समय दुआओं की कबूलियत का होता है, इसलिए अपने और उम्मत के लिए नेकी व सलामती की दुआ करें।
चांद रात की रौनक
चांद रात का माहौल बेहद खास होता है। बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लोग अपने लिए और अपने परिवार के लिए नए कपड़े खरीदते हैं। महिलाएं और लड़कियां हाथों में मेहंदी लगाती हैं, बच्चे ईदी मिलने के उत्साह में खुश नजर आते हैं। हर तरफ एक अलग ही खुशी और उत्सव का माहौल होता है।
लोग इस रात इबादत करते हैं, दुआ मांगते हैं और अगले दिन की तैयारियों में जुट जाते हैं। घरों में सेवइयां और अन्य पकवान बनाने की तैयारी शुरू हो जाती है।
