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चाणक्य नीति: इन 4 कामों के बाद तुरंत करना चाहिए स्नान, नहीं तो...

  • Authored by: लवीना शर्मा
  • Updated Mar 31, 2023, 01:08 PM IST

Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य अनुसार अगर इन 4 कार्यों को करने के तुरंत बाद स्नान नहीं किया जाए तो इससे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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चाणक्य नीति: इन 4 कामों के बाद तुरंत करना चाहिए स्नान

Chanakya Niti In Hindi: चाणक्य की नीतियां आज के समय में काफी लोकप्रिय हैं। इनकी नीतियों में जीवन को सफल बनाने के कई सुझाव दिए गए हैं। कहते हैं जो व्यक्ति चाणक्य की नीतियों को अपने जीवन में अपना लेता है उसका जीवन सफल हो जाता है। बता दें चाणक्य की नीतियों ने हमेशा ही लोगों का मार्गदर्शन करने का काम किया है। यहां आप जानेंगे चाणक्य की उस नीति के बारे में जिसमें उन्होंने ऐसे 4 कामों के बारे में बताया है जिसके बाद तुरंत स्नान कर लेना चाहिए।

चाणक्य नीती श्लोक

तैलाभ्यङ्गे चिताधूमे मैथुने क्षौरकर्मणि।

तावद् भवति चाण्डालो यावत् स्नानं न चाचरेत्।।

अर्थ: आचार्य चाणक्य की इस नीति अनुसार मालिश के बाद, स्मशान घाट में चिता का धुआं शरीर पर आने के बाद, संभोग के बाद और दाढ़ी बनाने के बाद इंसान जब तक स्नान नहीं कर लेता तब तक वह चांडाल ही माना जाता है।

इन 4 कार्यों को करने के बाद तुरंत कर लें स्नान

1. चाणक्य नीति अनुसार शमशान घाट से आने के बाद तुरंत इसलिए स्नान कर लेना चाहिए क्योंकि शमशान घाट पर कई तरह की नकारात्मक शक्तियां मौजूद हैं। जिसका सीधा असर हमारे मन और मस्तिष्क पर पड़ता है। वहीं वहां मृतकों का अंतिम संस्कार करने के कारण कई कीटाणु भी रहते हैं जो हमारे शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

2. चाणक्य नीति अनुसार तेल से मालिश के बाद भी तुरंत नहा लेना चाहिए। क्योंकि मालिश के समय शरीर के छिद्रों से मैले बाहर निकलता है। ऐसे में अगर तुरंत स्नान कर लेंगे तो शरीर की सारी गंदगी बाहर निकल जाएगी।

3. प्रेम प्रसंग के बाद भी तुरंत नहा लेना चाहिए। क्योंकि ऐसा माना जाता है कि संभोग के बाद पवित्रता भंग हो जाती है। इसलिए इस काम के बाद भी स्नान जरूरी है।

4. बाल कटवाने या दाढ़ी बनवाने के बाद भी तुरंत नहा लेना चाहिए। क्योंकि बाल कटवाने पर बाल शरीर से चिपक जाते हैं। जिससे चुभन होने लगती है ऐसे में तुरंत स्नान करके आप इस उलझन से मुक्ति पा सकते हैं।

लवीना शर्मा
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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