Navratri Kanya Pujan Vidhi (नवरात्रि कन्या पूजन विधि): नवरात्रि पर्व के समापन पर कन्या पूजन करने का विशेष महत्व माना जाता है। कोई नवरात्रि की अष्टमी तिथि पर कन्या पूजन करता है तो कोई ये शुभ काम नवमी के दिन करता है। इस साल नवरात्रि की अष्टमी 5 अप्रैल को मनाई जाएगी तो वहीं नवमी 6 अप्रैल को है। आप अष्टमी या नवमी किसी भी तारीख पर कन्या पूजन कर सकते हैं। कन्या पूजन में 2 से 10 वर्ष तक की कन्याओं को घर बुलाकर उन्हें पूरे श्रद्धा भाव से भोजन कराया जाता है और उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया जाता है। चलिए आपको बताते हैं कन्या पूजन की पूरी विधि क्या है।
नवरात्रि कन्या पूजन सामग्री लिस्ट (Kanya Pujan Samagri List)
- कन्याओं का पैर धुलवाने के लिए साफ जल
- कन्याओं को बिठाने के लिए आसन
- कन्याओं को तिलक करने के लिए रोली
- पैर पोछने के लिए एक साफ कपड़ा
- कन्याओं के हाथ में बांधने के लिए कलावा
- चुन्नी
- फल
- अक्षत
- फूल
- भोजन (हलवा, पूरी और चना)
नवरात्रि कन्या पूजन विधि (Navratri Kanya Puja Vidhi In Hindi)
- कन्या पूजन करने से पहले स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर लें।
- इसके बाद दुर्गा माता की विधि विधान पूजा करें और हवन पूजन भी करें।
- फिर कन्या पूजन के लिए 2 से लेकर 10 वर्ष तक की कन्याओं को घर बुलाएं। साथ में एक बालक को भी जरूर बुलाएं।
- घर आए बच्चों के सबसे पहले पैर धोएं।
- फिर उन्हें एक साफ आसन पर बैठाएं।
- उनके माथे पर कुमकुम और अक्षत का तिलक लगाएं।
- इसके बाद कन्याओं और बालक के हाथ में कलावा बांधें।
- उसके बाद उनकी आरती उतारें।
- फिर उन्हें हलवा, पूरी और चना खिलाएं।
- इसके बाद उन्हें कोई ना कोई उपहार या फिर दक्षिणा दें।
- अंत में कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
कन्या पूजन करने से क्या होता है (Kanya Pujan Ka Mahatva In Hindi)
नवरात्रि में कन्या पूजन करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्त होती है। अष्टमी या नवमी पर घर में कम से कम नौ कन्याओं का पूजन जरूर करना चाहिए साथ में एक बालक का पूजन भी जरूर करें। जो बटुक भैरव का स्वरूप माना जाता है।
