Shivling For Home Puja: भगवान शिव परम् ब्रम्ह हैं। वह निराकार भी हैं व साकार भी हैं। साकार में निराकार व निराकार में साकार की उपासना शिव भक्ति में ही है। माता पार्वती यानी शक्ति की उपासना के बिना शिव भक्ति नहीं मिलती। शिव मंदिरों में जो भक्त निष्काम भाव से केवल भक्ति प्राप्ति हेतु जाकर अपने जन्म जन्मांतर के पापों को नष्ट कर केवल शिव की शरणागति मांगते हैं, यह सर्वोच्च भक्ति है। हम ईश्वर के अंश हैं। कस्तूरी कुंडलि बसे-परमतत्त्व हमारे भीतर है। हम सब शिव के अंश हैं। शिव को अंतः से पुकारो। वेदना व भक्ति की प्यास ही शिव मार्ग पर ले जाएगी। मनोकामना पूर्ति हेतु की गई भक्ति व बार बार हर पल भगवान से मनोकामना मांगते रहना व इस उद्देश्य हेतु पूजा करना यह भक्ति की निम्न श्रेणी में आता है। हम निष्काम रहें। सब मिल जाएगा। अब जानिए शिवलिंग को लेकर क्या कहते हैं हमारे शास्त्र।
शिवलिंग से जुड़े नियम (Shivling Puja Niyam)
- घर मे पारद का शिवलिंग रखें। शिवलिंग की लंबाई छोटी हो। अंगूठे के बराबर हो। नर्मदेश्वर शिवलिंग भी रख सकते हैं।
- घर में भगवान शिव के पूरे परिवार जिसको शिव परिवार कहते हैं उसकी फ़ोटो या मूर्ति अवश्य रखनी चाहिए।
- मन्दिर की दिशा ईशान यानी उत्तर-पूर्व हो।
- जिधर से जल गिरता है वह दिशा उत्तर हो।
- प्रयास करना चाहिए कि जब हम जलाभिषेक करें तो हमारा मुख भी उत्तर ही हो जिससे सीधे जल उत्तर की तरफ गिरे।
- जल में कोई भी द्रव्य कदापि मत डालें।
- जल, दुग्ध या दही जो भी अर्पित करना हो उसके बाद पुष्प, द्रव्य इत्यादि अर्पित करें।
- शिवलिंग पर बेल पत्र अवश्य अर्पित करें।
- भगवान को जलाभिषेक के बाद उनको श्री रामचरितमानस सुनाएं।
- रुद्राक्ष की माला पर ॐ नमः शिवाय मन्त्र का जप जरूर करें।
- अंत में आरती करें।
शिव की पूजा में इन बातों का रखें विशेष ध्यान
बहुत से लोग भगवान को चढ़े जल की कुछ मात्रा पी लेते हैं। ऐसा न करें। शिव पर अर्पित चीज ग्रहण नहीं की जाती है। वह जल मस्तक पर लगा लीजिये लेकिन पीजिए मत। घर का शिवलिंग छोटा होता है। इस बात का ध्यान रखें कि आपका आसन कुश का हो। मन्दिर में दीप प्रज्ज्वलन के बाद ही पूजा करें। शिव पूजा में जलाभिषेक के पहले स्नान करें व बिना कुछ खाये पीए ही जलाभिषेक करें। ध्यान रहे कि पूजा घर साफ सुथरा हो। सुगन्धित धूप जलता रहें। घर मे सुबह व शाम दोनों समय पूजा आवश्यक है। यदि एक समय घर के सभी सदस्य साथ में आरती कर लें तो परिवार में एकता बनी रहती है।
