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Blood Moon 2025: होली पर चंद्र ग्रहण के समय दिखेगा 'ब्लड मून', 65 मिनट के लिए लाल हो जाएंगे चंद्र देव, जानिए कहां और कैसे दिखेगा ये नजारा

Blood Moon On Holi 2025: इस साल होली का त्योहार 14 मार्च 2025 को मनाया जाएगा। इस दिन पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। ग्रहण की शुरुआत सुबह 9 बजकर 29 मिनट पर होगी। जानिए इस ग्रहण को 'ब्लड मून' क्यों कहा जा रहा है।

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Blood Moon Chandra Grahan Lunar Eclipse Holi 2025

Blood Moon On Holi 2025: 14 मार्च 2025 को आसमान में ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा। ये एक ऐसी दुर्लभ घटना है जो कई सालों में एक ही बार घटित होती है। ब्लड मून का मतलब है लाल चमक वाला चांद। यह ब्लड मून पूर्ण चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2025) के दौरान होता है। पूर्ण चंद्रग्रहण तब लगता है जब पृथ्वी चंद्रमा और सूर्य के बीच में आ जाती है। इससे चंद्रमा सूर्य की रोशनी से काफी हद तक या पूर्ण रूप से छिप जाता है। इस साल होली पर 65 मिनट के लिए ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा। जानिए ब्लड मून कैसे लगता है।

ब्लड मून कब दिखेगा 2025 (Blood Moon On Holi Date And Time)

होली पर पूर्ण चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। इस दौरान ब्लड मून का नजारा देखने को मिलेगा। ग्रहण की शुरुआत सुबह 09:29 बजे से होगी और समाप्ति दोपहर 3 बजकर 29 मिनट पर होगी। इसी बीच सुबह 11 बजकर 29 मिनट से लेकर दोपहर 1 बजकर 1 मिनट तक 'ब्लड मून' देखने को मिलेगा। इस समय चंद्र देव लाल रंग के नजर आएंगे।

क्या भारत में दिखेगा ब्लड मून 2025 (Will Blood Moon be visible in India)

चंद्र ग्रहण के समय भारत में दिन रहेगा इस वजह से यहां के लोग ब्लड मून का नजारा नहीं देख पायेंगे। हालांकि यूट्यूब पर तमाम चैनल इस घटना का सीधा प्रसारण करेंगे। जहां से आप इस खूबसूरत नजारे को देख सकेंगे।

ब्लड मून क्या होता है (What Is Blood Moon)

ब्लड मून उस स्थिति को कहते हैं जब चंद्रग्रहण के दौरान चंद्रमा का लाल रंग का दिखाई देता है। यह तब होता है जब पृथ्वी की छाया सूर्य की रोशनी को रोक देती है, लेकिन वातावरण में मौजूद धूल, गैस और अन्य कणों की वजह से लाल रंग की किरणें चंद्रमा तक पहुंचती हैं, जिससे चंद्रमा गहरे लाल रंग का दिखाई देता है। लाल रंग के कारण ही इसे ब्लड मून कहा जाता है। यह घटना हर किसी के लिए आकर्षण का केंद्र होती है।

ब्लड मून कहां-कहां दिखाई देगा (Blood Moon Kaha Kaha Dikhega)

ब्लड मून को ऑस्ट्रेलिया, यूरोप, अधिकांश अफ्रीका, उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, प्रशांत, अटलांटिक आर्कटिक महासागर, पूर्वी एशिया आदि में देखा जाएगा। भारत के लोग इसे नहीं देख पायेंगे।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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