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Holika Dahan 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: होली की रात शुभ होता है हनुमान पूजन, जानिए पूरी पूजन विधि

Holika Dahan 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra: होली से पहले परंपरागत तरीके से होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन लोग होलिका जला कर अच्छाई की बुराई पर जीत का जश्न मनाते हैं। यहां देखें होलिका दहन 2022 इस वर्ष कब पड़ रही है। होली की रात हनुमान जी की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। इससे साथ जानें होलिका दहन का मुहूर्त, मंत्र, सामग्री, आरती और पूजा विधि।

टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलटाइम्स नाउ नवभारत डिजिटलUpdated Mar 18, 2022, 07:44 IST
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Holika Dahan 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: होली की रात शुभ होता है हनुमान पूजन, जानिए पूरी पूजन विधि

Holika Dahan 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: सनातन धर्म में होलिका दहन बहुत विशेष पर्व माना गया है जिसे छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। परंपरा के अनुसार, होलिका दहन की शाम को होलिका जलाकर बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाया जाता है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, भगवान विष्णु ने अपने भक्त प्रहलाद की जान बचा ली थी और नरसिम्हा भगवान का अवतार लेकर हिरण्यकश्यप का वध किया था। होली की रात हनुमान जी की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। 

Holi 2022 Date, Puja Vidhi, Muhurat: होली पर करें यह चमत्कारिक उपाय, शत्रुओं से मिलेगा निजात

नरसिम्हा भगवान को भगवान विष्णु का चौथा अवतार माना गया है। होलिका दहन के दौरान भगवान नरसिम्हा की पूजा विधि अनुसार करना चाहिए। इस दिन होलिका जलाने के साथ लोग अच्छे स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि, शांति और बेहतर जीवन के लिए उपाय भी करते हैं। 

Holi 2022 Date, Puja Timings: होली 2022 कब है, क्यों होलिका दहन के एक दिन बाद खेला जाएगा रंग, देखें पूजा समय

मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन हमेशा भद्रमुक्त पूर्णिमा पर करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि भद्रकाल के दौरान होलिका दहन करना अशुभ है।‌ इस लाइव ब्लॉग के माध्यम से जानें होलिका दहन 2022 की तिथि, शुभ मुहूर्त, समय, पूजा विधि, सामग्री और मंत्र।

MAR 18, 2022 07:28 IST

होली की रात में करें स्नान

होली की रात हनुमानजी से जुड़ा यह उपाय कुछ इस प्रकार है - इसके लिए होली की रात में स्नान आदि करके पवित्र हो जाएं। यदि आप चाहें तो किसी हनुमान मंदिर जाएं या अपने घर पर ही हनुमानजी की प्रतिमा या चित्र के सामने बैठकर पूजा करें।

MAR 18, 2022 06:50 IST

शुभ होता है हनुमान पूजन

होली की रात हनुमान जी की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इससे सभी कामों में सफलता और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी का यह उपाय करता है, उसे हनुमान जी वरदान जरूर देते हैं।

MAR 18, 2022 06:40 IST

होलिका दहन में ना करें इन लकड़ियों का इस्तेमाल

मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के दिन कभी भी पीपल, आंवला, नीम, बरगद, केला, आम और बेल की लकड़ियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि इन लकड़ियों का पूजनीय माना गया है। 

MAR 17, 2022 23:32 IST

होलिका दहन के लिए क्या है सही समय

आज यानी 17 मार्च को होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। आज शाम 6:00 से 7:30 तक प्रदोष काल में होलिका पूजन के लिए सर्वश्रेष्ठ समय था। भद्रा के होने की वजह से आज रात तकरीबन 1:00 बजे के बाद ही होलिका दहन के लिए शुभ मुहूर्त रहेगा। 
 

MAR 17, 2022 23:09 IST

होलिका दहन पर करें यह उपाय

आज यानी 17 मार्च को होलिका दहन का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन लोगों को भाग्योदय के लिए विशेष उपाय करना चाहिए। माना जाता है कि इस दिन नारियल और सुपारी अर्पित करने से भाग्य जाग सकता है। इस उपाय करना लाभदायक माना गया है।

MAR 17, 2022 22:30 IST

होलिका दहन पर रहेगा यह नक्षत्र 

इस वर्ष होलिका दहन 17 मार्च यानी आज के दिन पड़ रही है। शुक्र के पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में आज होलिका दहन होगा। मान्यताओं के अनुसार, यह ग्रह वैभव, सुख-समृद्धि, उत्सव, हर्ष और ऐश्वर्य प्राप्त करवाता है।

MAR 17, 2022 22:06 IST

क्यों होली की रात मानी गई है विशेष

मान्यताओं के अनुसार, होली की रात का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि होली की रात में की गई तंत्र साधना शीघ्र सफल होती है। इस वर्ष मंगल, शुक्र और शनि की युति मकर राशि में रहेगी और मंगल सूर्य की ओर मौजूद रहेगा जिसकी वजह से तंत्र के लिए यह रात बेहद खास होने वाली है।

MAR 17, 2022 21:34 IST

क्या है होलिका दहन की धार्मिक मान्यता

हिंदू धर्म में होलिका दहन विशेष पर्व माना गया है। हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार होलिका दहन कभी भी भद्रकाल के समय नहीं करना चाहिए। भद्रकाल के दौरान होलिका दहन करना अशुभ माना जाता है। होलिका दहन के लिए भद्र काल के समाप्त होने का इंतजार जरूर करें। 
 

MAR 17, 2022 20:58 IST

होलिका दहन पर करें सुंदरकांड का पाठ

माना जाता है कि होलिका दहन के दिन सुंदरकांड का पाठ करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस दिन हनुमान मंदिर में बैठकर सुंदरकांड का पाठ करना शुभ माना गया है। सुंदरकांड का पाठ करते समय अपने पास शुद्ध घी का दीपक जलाकर रखें और पाठ पूरा होने पर अपनी मनोकामनाएं भगवान हनुमान के समक्ष रखें। 

MAR 17, 2022 20:30 IST

होलिका दहन पर करें ये उपाय 

होलिका दहन के दिन घर की नकारात्मकता दूर करने के लिए एक नारियल लें फिर अपने परिवार के सदस्यों पर सात बार वार लें। होलिका की अग्नि में इस नारियल को डाल दें और सात बार परिक्रमा करें। परिक्रमा करने के बाद मिठाई का भोग जरूर लगाएं।

MAR 17, 2022 20:04 IST

नरसिंह भगवान की आरती, देखें यहां

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।
 स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, 
स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे।।

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।
तुम हो दीन दयाला, भक्तन हितकारी, 
प्रभु भक्तन हितकारी।।

अद्भुत रूप बनाकर,अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी।
ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।।
सबके ह्रदय विदारण। 

दुस्यु जियो मारी, प्रभु दुस्यु जियो मारी,
दास जान अपनायो, दास जान अपनायो, जन पर कृपा करी।।

ब्रह्मा करत आरती, माला पहिनावे, प्रभु माला पहिनावे।
शिवजी जय जय कहकर, पुष्पन बरसावे।।

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।।   


 

MAR 17, 2022 19:31 IST

शीघ्र विवाह के लिए करें यह उपाय

अगर आपकी शादी में दिक्कतें आ रही हैं या विवाह में देरी हो रही है तो होलिका दहन के दिन विशेष उपाय जरूर करें। होलिका दहन पर उड़द दाल, सूखा नारियल, काला तिल और सुपारी लेकर सात बार लड़के या लड़की के सिर से घुमाकर होलिका की अग्नि में डाल दें।

MAR 17, 2022 19:03 IST

रात में कब होगा होलिका दहन

इस समय भद्र काल चल रहा है जिसकी वजह से होलिका दहन रात में नहीं होगा। होलिका दहन सुबह 1:30 बजे से सूर्योदय के पहले किया जाएगा।

MAR 17, 2022 18:31 IST

कब है धूलेंडी?

आज यानी गुरुवार को होलिका दहन मनाया जा रहा है। शुक्रवार को सुबह 4:30 बजे से ब्रह्म मुहूर्त में होलिका दहन होगा। इसके बाद धूलेंडी का पर्व मनाया जाएगा।

MAR 17, 2022 18:03 IST

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन पर शुभ मुहूर्त आज रात 9:16 से लेकर 10:16 तक रहेगा। पंचांग के अनुसार, ऐसे में होलिका दहन की पूजा के लिए सिर्फ 1 घंटे 10 मिनट का समय रहेगा।

MAR 17, 2022 17:32 IST

कब से शुरू हो रहा है भद्रकाल

होलिका दहन पर बद्रकाल दोपहर 1:19 बजे से शुरू हो जाएगा और देर रात 12:48 तक रहेगा। ऐसे में इस काल में होलिका दहन करना अशुभ माना गया है। रात के 12: 48 के बाद से होलिका दहन करना शुभ रहेगा।

MAR 17, 2022 17:03 IST

ऐसे करें होलिका दहन की तैयारी 

होलिका दहन के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद होलिका व्रत रखना चाहिए। दोपहर के समय जहां होलिका दहन करना चाहते हैं उस जगह को साफ कर लें। इसके बाद उस स्थान पर होलिका का सभी सामान रख दें। फिर गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं। प्रतिमा बनाने के बाद नरसिम्हा भगवान की पूजा करें और भगवान को पूजन सामग्री अर्पित करें।

MAR 17, 2022 16:31 IST

होली पर भेजें यह शुभेच्छा संदेश

जो पूरी सर्दी नहीं नहाये
हो रही उनको नहलाने की तैयारी
बाहर नहीं तुम आये तो
घर में आकर मारेंगे पिचकारी
Happy Holi 2022

MAR 17, 2022 16:02 IST

होलिका दहन के लिए पूजा सामग्री

होलिका दहन के लिए गोबर से बनी माला, रोली, अक्षत, एक लोटा जल, कच्चा सूत, साबुत हल्दी, मूंग, गुलाल, नारियल, बताशे, गंध, फूल, फल और गेहूं की बालियां अपने पास रखें।

MAR 17, 2022 15:26 IST

भद्राकाल के बाद करें होलिका दहन

होलिका दहन के लिए रात का समय उपर्युक्त माना गया है, ऐसे में 12:58 बजे भद्राकाल समाप्त होने के बाद होलिका दहन संभव हो सकेगा। रात के समय होलिका दहन करने के लिए शुभ समय 12:58 बजे से लेकर रात 2:12 बजे तक है।

MAR 17, 2022 15:01 IST

होलिका दहन से पहले क्या करना चाहिए?

  • होलिका दहन से पहले आपको और आपके सभी परिवार के सदस्यों को हल्दी का उबटन,सरसो तेल में मिलाकर पूरे बदन पर करना चाहिए।
  • फिर सूखने के बाद उसे शरीर से छुड़ाकर एक कागज में जमा कर लें।
  • फिर आप 5 या 11 गाय के उपले, एक मुट्ठी सरसो के दाने, नारियल का सूखा गोला लें।
  • फिर नारियल के सूखे गोले में जौ,तिल,सरसो का दाना,शक्कर,चावल और घी भर लें।
  • फिर उसे होलिका की जलती हुई अग्नि में प्रवाहित कर दें। साथ में उबटन के निकाले गए अंश को भी अग्नि में डाल दें 
  • होलिका दहन होने से पहले या फिर बाद में शाम के वक्त घर में उत्तर दिशा में शुद्ध घी का दीपक जलाएं। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में सुख शांति आती है।
  • होलिका का परिक्रमा करने का भी बहुत महत्व है। ऐसा करने से हर तरह की परेशानियां, रोग और दोष खत्म हो जाते हैं। इसलिए आप परिक्रमा जरूर करें।
MAR 17, 2022 14:32 IST

पढ़ें नरसिंह भगवान की आरती

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।
 स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, 
स्तम्भ फाड़ प्रभु प्रकटे, जन का ताप हरे।।

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।
तुम हो दीन दयाला, भक्तन हितकारी, 
प्रभु भक्तन हितकारी।।

अद्भुत रूप बनाकर,अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी।
ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।।

सबके ह्रदय विदारण। 
दुस्यु जियो मारी, प्रभु दुस्यु जियो मारी,
दास जान अपनायो, दास जान अपनायो, जन पर कृपा करी।।

ब्रह्मा करत आरती, माला पहिनावे, प्रभु माला पहिनावे।
शिवजी जय जय कहकर, पुष्पन बरसावे।।

ॐ जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे।।   

MAR 17, 2022 14:10 IST

होली पर ऐसे करें गणेश जी की पूजा

होली के दिन गणेश जी को प्रसन्‍न करने के लिए मोदक का प्रसाद घास अर्पित करें। उनकी विधि विधान से पूजा करने के साथ ही गणेश जी को मेवायुक्त ठंडाई का भोग लगाएं। इससे गणेश जी प्रसन्‍न होकर आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करेंगे। साथ ही गणेश जी को श्वेतार्क के फूल भी अर्पित करें। इसके बाद 2 चुटकी गुलाल उनके चरणों पर लगाए।

MAR 17, 2022 13:54 IST

भगवान राम की पूजा करने से होगा लाभ

होली पर सुख समृद्धि की प्राप्ति के लिए आपको भगवान राम की विशेष प्रकार से पूजा करनी चाहिए। साथ ही होली की अग्नि में भूनी गईं गेहूं जौ की बालियों का भोग लगाना चाहिए। भगवान आपके भंडार सदैव भरे रखेंगे और आपको भी कभी पैसों की कमी नहीं होगी।

MAR 17, 2022 13:54 IST

दुर्गा मां की पूजा इस तरह करने से लाभ प्राप्त होगा

होली के दिन मां दुर्गा को आप लाल चुन्‍नी लाल साड़ी लाल चूड़ी भी चढ़ा सकते हैं। साथ ही सुहाग से सम्बंधित श्रंगार की हर वस्तु देवी जी को अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने से मां दुर्गा की विशेष कृपा प्राप्‍त होगी और आपके सारे कष्‍ट दूर होंगे।

MAR 17, 2022 13:24 IST

शत्रु से शांति के लिए उपाय

शत्रु से शांति के लिए भगवान विष्णु से प्रार्थना कर सात गोमती चक्र होलिका के में डाल दें शत्रु से छुटकारा मिल जाएगा ।

MAR 17, 2022 13:11 IST

नवविवाहिता से क्यों नहीं कराया जाता होलिका दहन

होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए शरीर का प्रतीक माना जाता है। इस वजह से मान्यता है कि नवविवाहित महिलाओं को इस अग्नि को जलते हुए नहीं देखना चाहिए। इसी वजह से नवविवाहिता स्त्री से होलिका दहन भी नहीं कराया जाता है। 

MAR 17, 2022 11:42 IST

होली पर हनुमान चालीसा का जाप

होली की रात हनुमान जी की पूजा बेहद फलदायी मानी जाती है। कहा जाता है कि इससे सभी कामों में सफलता और पारिवारिक सुख की प्राप्ति होती है। जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी का यह उपाय करता है, उसे हनुमान जी वरदान जरूर देते हैं। यदि आप पूजा ना कर पाएं तो होली की रात हनुमान चालीसा का जप कर सकते हैं। यह भी फलदायी व कष्‍टहारक माना जाता है।

MAR 17, 2022 11:11 IST

सुंदरकांड का पाठ करें

होलिका दहन की रात 10 बजे बाद किसी हनुमान मंदिर में बैठकर सुंदरकांड का पाठ करें। शुद्ध घी का दीपकर जलाए रखें और जब सुंदरकांड का पाठ पूरा हो तो हनुमान जी के समक्ष अपने मन की बात रख दें।

MAR 17, 2022 10:38 IST

रोगी करें इस मंत्र का जाप

रोगी को स्वस्थ होने के लिए इस रात्रि आरोग्य मंत्र का ज्यादा से ज्यादा जाप करें और होलिका आरोग्य मंत्र हैः अच्युतानंद गोविंद नामोच्चारणभेषजात।नश्यन्ति सकला रोगाः सत्यम् सत्यम् वदाम्यहम्।

MAR 17, 2022 10:11 IST

रोजगार के लिए करें ये उपाय

रोजगार पाने के लिए होली की रात 12:00 बजे एक नींबू लेकर चौराहा पर चार टुकड़े कर के चारों दिशाओं पर फेंक दें और बगैर पीछे मुड़े घर वापस आ जाएं।

MAR 17, 2022 09:41 IST

होलिका पूजन व दहन विधि

होलाष्टक से ही लोग होलिका दहन की तैयारियां शुरू कर देते हैं। होलिका दहन से पहले इसकी पूजा का भी विधान है। इस दिन सभी कार्यों को करने के बाद स्नान कर लें, इसके बाद होलिका पूजन वाले स्थान पर पूर्व दिशा में मुख करके बैठ जाएं। तथा गाय के गोबर से भगवान प्रहलाद और होलिका की प्रतिमा बनाएं और जल, रोली, अक्षत, फल, फूल, कच्चा सूत, गुड़, साबूत हल्दी, मूंग, गुलाल, बताशे और गेहूं की हरी बालियां एकत्रित कर होलिका की पूजा करें। होलिका की पूजा करने के बाद इसकी परिक्रमा करें। इस दिन भगवान नरसिंह की पूजा अर्चना का भी विधान है।
 

MAR 17, 2022 09:14 IST

होलिका पूजन सामग्री

होली पर होलिका पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही है और ऐसा माना जाता है कि होलिका पूजन कई प्रकार की बाधाओं को दूर कर जीवन में सुख समृद्धि लाती है। होलिका पूजन में गाय के गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमाएं बनाते हैं। फूलों की माला, रोली, मूंग, मीठे बताशे, फूल, कच्चा सूत, हल्दी,गुलाल, रंग, गेंहू की बालियां,सात प्रकार के अनाज,होली पर बनने वाले पकवान, मिठाइयों आदि के साथ होलिका दहन की पूजा की जाती है। 

MAR 17, 2022 08:57 IST

होलिका दहन पर बनेंगे ये तीन शुभ योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार गुरु ग्रह की दृष्टि संबंध चंद्रमा से होने के कारण गजकेसरी योग का निर्माण होने वाला है। इसके अलावा इस दिन वरिष्ठ और केदार योग भी बनने वाले हैं।

MAR 17, 2022 08:27 IST

होलिका दहन पर महिलाएं करें इस नियम का पालन

मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के समय महिलाओं का सिर खुला नहीं होना चाहिए। होलिका दहन पर पूजा के समय भी उनके सिर पर कपड़ा जरूर होना चाहिए।

MAR 17, 2022 07:52 IST

होलिका की राख से जुड़े उपाय

- धूल की वंदना करनी चाहिए और होलिका विभूति को यानि होली की राख को धारण करना चाहिए। साथ ही मिट्टी से स्नान करने की भी परंपरा है।
- होली के दिन घर के आंगन में एक वर्गाकार आकृति बनाकर उसके मध्य में कामदेव की पूजा करनी चाहिए। प्रार्थना करते हुए कहना चाहिए- कामदेवता मुझपर प्रसन्न हों। साथ ही जितना हो सके ब्राह्मण आदि को दान करना चाहिए।
- वास्तु शास्त्र के अनुसार होली जलाने के बाद इसकी राख को लाकर घर के आग्नेय कोण, यानी दक्षिण-पूर्व दिशा में रखना चाहिए। आग्नेय कोण को घर में अग्नि तत्व का सही स्थान माना जाता है और यहीं पर अपनी रसोई रखनी चाहिए।
मान्यता के अनुसार, इस दिशा में होली की राख रखने से व्यापार और व्यावसायिक जीवन में लाभ होता है और व्यक्ति उन्नति के रास्ते पर आगे बढ़ता है। ऐसा करने से घर में सुख-शांति भी बनी रहती है।

MAR 17, 2022 07:31 IST

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त रात 9:20 से शुरू होगा और रात 10:31 मिनट तक रहेगा। यानी होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 01 घंटा 10 मिनट तक रहेगा। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त रात 12:58 से रात 2:12 बजे तक है। इसके बाद ब्रह्म मुहूर्त शुरू हो जाएगा।

MAR 17, 2022 07:17 IST

होलिका दहन के दिन बरतें ये सावधानी

होलिका दहन के दिन इन चीजों को लेकर सावधानी बरती जानी चाहिए-

- होलिका दहन के दिन उजला खाद्य पदार्थ नहीं खाना चाहिए।
- मांगलिक कार्य भी नहीं करना चाहिए क्योंकि यह होलाष्क अवधि में आता है ।
 

MAR 17, 2022 07:11 IST

होलिका दहन पूजा मंत्र

होली पर कई टोटके भी क‍िए जाते हैं। होली पर इस मंत्र का जाप भाग्‍य उदय करने वाला और मुसीबतें दूर करने वाला माना जाता है। 
देखें मंत्र : 
अहकूटा भयत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिशै: अतस्वां पूजयिष्यामि भूति-भूति प्रदायिनीम:
ध्‍यान रखें क‍ि इस मंत्र का जप एक, तीन या पांच माला यानी विषम संख्या में क‍िया जाता है।

MAR 17, 2022 07:07 IST

होलिका दहन से जुड़े विधान

होलिका दहन में मनोकामना पूर्ण करने के लिए ज्योतिषियों ने होलिका में अलग-अलग तरह की सामग्री चढ़ाने की विधि बताई है। मान्यता है कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए काले तिल के दाने वैवाहिक समस्या के निवारण के लिए  हवन सामग्री, बीमारी से मुक्ति पाने के लिए हरी इलाइची और कपूर चढ़ाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक अगर होलिका की आग में कौड़ियां डाली जाती हैं तो इससे जीवन में नकारात्मक शक्तियां खत्म हो जाती है और आस पास की अदृश्य बाधाएं दूर होती हैं ।  

MAR 17, 2022 06:36 IST

सुख- समृद्धि के लिए उपाय

बाधा शांति और सुख समृद्धि के लिए होलिका की रात मुख्य द्वार पर सरसों के तेल का चौमुखा दीपक जलाएं ।

MAR 17, 2022 06:28 IST

व्यापार- नौकरी में सफलता के लिए उपाय

व्यापार या नौकरी में सफलता वह तरक्की चाहते हैं तो  21 गोमती चक्र किसी भी शिव मंदिर में शिवलिंग पर चढ़ा दें तरक्की जरूर होगी।

MAR 16, 2022 23:59 IST

भूलकर भी ना करें यह गलती

मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के दिन किसी को भी उधार नहीं देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि होलिका दहन के दिन उधार देने से घर से बरकत चली जाती है और आर्थिक समस्याएं आने लगती हैं। इस दिन किसी भी व्यक्ति को उधार देने से बचें।

MAR 16, 2022 23:32 IST

होलिका दहन में अर्पित करें यह तीन चीजें

ऐसा माना जाता है कि होलिका दहन में उंबी दहन करने से ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है इसके साथ घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। उंबी के साथ इस दिन गोबर के बड़कुले की माला भी अर्पित करनी चाहिए। नारियल अर्पित करना भी शुभ माना गया है। 
 

MAR 16, 2022 23:03 IST

मेष राशि के जातक करें यह उपाय

इस वर्ष होलिका दहन पर मेष राशि के जातक मंगल ग्रह से संबंधित वस्तुओं का दान करें। होलिका दहन पर सौंफ, जौ और लाल दाल का दान करना शुभ रहेगा। इसके साथ घर में पड़ी कांस की पुरानी वस्तुओं को भी हटाएं। अगले दिन गहरे लाल रंग से होली खेलें।

MAR 16, 2022 22:34 IST

होलिका दहन पर करें सात्विक भोजन

माना जाता है कि होलिका दहन के दिन लोगों को सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए। इसके साथ इस दिन लोगों को बुजुर्गों का सम्मान भी करना चाहिए।

MAR 16, 2022 22:02 IST

होलिका दहन पर ऐसे खाद्य पदार्थों से रहें दूर

माना जाता है कि सफेद खाद्य पदार्थों का उपयोग टोना-टोटका करने के लिए किया जाता है। ऐसे में लोगों को होलिका दहन के दिन सफेद खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं करना चाहिए।

MAR 16, 2022 21:31 IST

होलिका दहन की अग्नि ना देखें नवविवाहित स्त्रियां

होलिका दहन इस वर्ष 17 मार्च के दिन पड़ रही है। होलिका दहन के दिन लोगों को नियमों का पालन जरूर करना चाहिए। कहा जाता है कि होलिका दहन के दिन नवविवाहित स्त्रियों को होलिका दहन की अग्नि नहीं देखनी चाहिए।

MAR 16, 2022 21:00 IST

होलिका दहन पर महिलाएं करें इस नियम का पालन

मान्यताओं के अनुसार, होलिका दहन के समय महिलाओं का सिर खुला नहीं होना चाहिए। होलिका दहन पर पूजा के समय भी उनके सिर पर कपड़ा जरूर होना चाहिए।

MAR 16, 2022 20:31 IST

भद्रा पूंछ और मुख में ना करें होलिका दहन 

हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, कभी भी भद्रा पूंछ और मुख में होलिका दहन नहीं करना चाहिए। इसे अशुभ माना गया है। इसके साथ राहु काल के दौरान भी होलिका दहन वर्जित माना गया है।

MAR 16, 2022 20:06 IST

होलिका दहन पर करें इस मंत्र का जाप

होलिका दहन के दौरान होलिका जलाते समय नीचे दिए गए मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए। इस मंत्र का जाप करते हुए तीन परिक्रमा करें। परिक्रमा करने के साथ आप इस मंत्र के साथ अर्घ्य भी दे सकते हैं।

असृक्पाभयसंत्रस्तै: कृता त्वं होलि बालिषै:। अतस्तवां पूजायिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव।।

MAR 16, 2022 19:28 IST

भद्रा पूंछ और मुख में नहीं किया जाता है होलिका दहन

हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार, भद्रा पूंछ और मुख में होलिका दहन नहीं किया जाता है। इस दौरान होलिका दहन करना वर्जित माना गया है। कहा जाता है कि भद्रा के समय होलिका दहन करना अशुभ और अमंगलकारी है।

MAR 16, 2022 18:47 IST

होलिका दहन की पूजा सामग्री 

होलिका दहन पर पूजा के लिए यह सामग्री इक्ट्ठा कर लें। प्रहलाद की प्रतिमा, गोबर की होलिका, रोली, अक्षत, फूल, फल, कच्चा सूत, साबुत हल्दी, पांच प्रकार के अनाज, मूंग, बताशे, मिठाईयां और कलश।

MAR 16, 2022 18:08 IST

होलिका दहन की पूजा विधि

होलिका दहन की पूजा हमेशा पूर्व या उत्तर की ओर मुंह करके करना चाहिए। पूजा से पहले अपने आसपास पानी की बूंदे छिड़कें, उसके बाद गोबर से होलिका और प्रहलाद की प्रतिमा बनाएं। पूजा की थाली में रोली, चावल, साबुत हल्दी, कच्चा सूत, फूल, फल, बताशे और एक कलश पानी रखें। नरसिम्हा भगवान को यह सभी सामग्री अर्पित करें और इन सभी सामग्रियों को होलिका दहन के स्थान पर ले जाएं। होलिका जलाने से पहले अपना नाम, पिता का नाम, और गोत्र का नाम लेते हुए गणेश जी को याद करें और होलिका में अर्पित करें। इसके बाद प्रहलाद का नाम लेकर फूल चढ़ाएं और नरसिम्हा भगवान का नाम लेते हुए पांच अनाज अर्पित करें। दोनों हाथों में अक्षत, हल्दी और फूल लें। अब सूत को लेकर होलिका पर लपेटते हुए परिक्रमा करें। अंत में गुलाल डालकर चांदी या तांबे के कलश से जल अर्पित करेंं। 

MAR 16, 2022 17:29 IST

कब है होलिका दहन का मुहूर्त?

भद्रा की वजह से होलिका दहन की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति हो गई है, लेकिन पंचांग के अनुसार होलिका दहन कल यानी 17 मार्च को है। 
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MAR 16, 2022 17:01 IST

कब बन रहा है उत्तम मुहूर्त

 होलिका दहन इस वर्ष 17 मार्च को पड़ रही है। होलिका दहन के दिन लोग आग के साथ अपने पापों को भी जला देते हैं। माना जाता है कि होलिका दहन की वजह से घर में सकारात्मकता आती है। होलिका दहन पर रात को 2:12 के बाद ब्रह्म मुहूर्त शुरू हो जाएगा जो बेहद उत्तम माना जा रहा है। 

MAR 16, 2022 16:36 IST

कब करना चाहिए होलिका दहन

हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, पूर्णिमा तिथि के दिन सूर्यास्त के बाद होलिका दहन करना शुभ माना गया है। लेकिन अगर इस बीच भद्रकाल हो तो भद्रकाल में होलिका दहन नहीं किया जाता है। होलिका दहन के लिए भद्रकाल के समाप्त होने का इंतजार करना चाहिए। माना जाता है कि होलिका दहन करने के लिए भद्रामुक्त पूर्णिमा तिथि होना जरूरी है।

MAR 16, 2022 15:42 IST

नवविवाहिता से क्यों नहीं कराया जाता होलिका दहन

होलिका दहन की अग्नि को जलते हुए शरीर का प्रतीक माना जाता है। इस वजह से मान्यता है कि नवविवाहित महिलाओं को इस अग्नि को जलते हुए नहीं देखना चाहिए। इसी वजह से नई ब्याहता स्त्री से होलिका दहन भी नहीं कराया जाता है। 

MAR 16, 2022 15:20 IST

होलिका दहन किस मुहूर्त में करें

होलिका दहन फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर प्रदोष काल में किया जाता है। ज्योतिषियों के जानकारों मुताबिक फाल्गुन पूर्णिमा पर भद्रा रहित प्रदोष काल में ही होलिका दहन को सही माना गया है।

MAR 16, 2022 15:19 IST

होलिका दहन की राख होती है पवित्र

होल‍िका के जलने के बाद बची राख को अगली सुबह शरीर पर लगाने की परंपरा भी है। इस राख को बेहद पव‍ित्र माना जाता है और पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक  शरीर पर इसे लगाने से ये तन और मन की बुराइयां दूर हो जाती हैं।

MAR 16, 2022 15:19 IST

होलिका दहन कब होता है

फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होलिका दहन किया जाता है। सूरज डूबने के बाद शुभ मुहूर्त में ही होलिका दहन किया जाना चाहिए। इसे छोटी होली भी कहा जाता है।  होलिका दहन के बाद ही रंगों से खेला जाता है।