अध्यात्म

अपनी रसोई में सिर्फ तीन महीने करके देखें ये प्रयोग, पूरे घर का बदल जाएगा भाग्य - बीके शिवानी

बीके शिवानी (BK Shivani) भारत की एक लोकप्रिय मोटिवेशनल स्पीकर हैं। जो हमेशा लोगों का मार्गदर्शन करती रहती हैं। इनके अनमोल विचार किसी को भी सोचने पर मजबूर कर देते हैं। यहां आप जानेंगे बीके शिवानी ने भाग्य चमकाने के लिए कौन सा फॉर्मूला बताया है।

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अपनी रसोई में सिर्फ तीन महीने करके देखें ये प्रयोग

बीके शिवानी (BK Shivani) आज किसी पहचान की मोहताज नहीं हैं। ये देश के बेस्ट मोटिवेशनल स्पीकर में से एक मानी जाती हैं। इन्हें लोग शिवानी दीदी के नाम से भी पुकारते हैं। बता दें ये आध्यामिक संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारीज ईश्वरीय विश्वविद्यालय की आध्यामिक शिक्षिका हैं। कहते हैं जो व्यक्ति इनके द्वारा कही गई बातों का अपने जीवन में अनुसरण कर लेता है उसके जीवन की सभी परेशानियों का हल खुद ब खुद हो जाता है। शिवानी दीदी ने बताया है कि कैसे आप अपनी रसोई में एक छोटा सा बदलाव करके अपना जीवन सुखमय बना सकते हैं।

अपनी रसोई में तीन महीने करके देखें ये प्रयोग

बीके शिवानी कहती हैं कि आप अपने घर की रसोई में तीन महीने तक एक प्रयोग करके देखों। इस प्रयोग को करने से आपको अपने मन और शरीर के स्वास्थ्य में महान परिवर्तन नजर आएगा। जब रसोई में भोजन बन रहा है तो घर में कहीं भी किसी तरह के गलत शब्द नहीं चलने चाहिए। जैसे फिल्मों के गाने या कोई टीवी सिरियल। क्योंकि कई लोग गाने बजाकर या टीवी देखते हुए खाना बनाता हैं। लेकिन शिवानी दीदी कहती हैं कि ऐसा नहीं होना चाहिए क्योंकि ये सारे नकारात्मक शब्द खाना बनाते समय हमारे भोजन में चले जाएंगे क्योंकि जैसा मन होगा वैसा अन्न होगा।

इसलिए जब भोजन बना रहे हैं तब कोई गलत चीज टीवी पर या फोन पर नहीं चलनी चाहिए। रसोई में कुछ ऐसा चलाओ जो परमात्मा के याद के शब्द रसोई में चले जैसे भजन, प्रवचन, भगवान के महावाक्य इत्यादि चीजें। भोजन बनाते समय ऐसा प्रतीत होना चाहिए जैसे कि आप प्रसाद बना रहे हों क्योंकि वो सारे शब्द पानी को, भोजन को, अन्न को, फल को और सब चीज को इतनी शक्ति से भर देंगे कि जो भी व्यक्ति उस भोजन को खाएगा उसका मन और शरीर दोनों शक्तिशाली बन जाएगा।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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