Bhai Dooj Aarti (भाई दूज आरती): भाई दूज पर यमुना आरती का बहुत महत्त्व है, क्योंकि इस दिन की जड़ें यमराज और यमुना की कथा से जुड़ी हैं। पौराणिक मान्यता के अनुसार यमराज की बहन यमुना ने अपने भाई को कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन घर आमंत्रित किया था। यमराज उस दिन यमुना के घर आए, जहाँ यमुना ने अपने भाई का तिलक किया, आरती उतारी और प्रेमपूर्वक भोजन कराया। यमराज इतने प्रसन्न हुए कि उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति इस दिन अपनी बहन से तिलक करवाएगा या यमुना स्नान करेगा उसे यम का भय नहीं रहेगा। इसलिए आज के दिन यमुना आरती करनी ही चाहिए। यहां से आप यमुना आरती के लिरिक्स देखें।
यमुना जी की आरती (Yamuna Ji Ki Aarti Lyrics In Hindi)-
ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता,
जो नहावे फल पावे सुख सुख की दाता
ॐ पावन श्री यमुना जल शीतल अगम बहै धारा,
जो जन शरण से कर दिया निस्तारा
ॐ जो जन प्रातः ही उठकर नित्य स्नान करे,
यम के त्रास न पावे जो नित्य ध्यान करे
ॐ कलिकाल में महिमा तुम्हारी अटल रही,
तुम्हारा बड़ा महातम चारों वेद कही
ॐ आन तुम्हारे माता प्रभु अवतार लियो,
नित्य निर्मल जल पीकर कंस को मार दियो
ॐ नमो मात भय हरणी शुभ मंगल करणी,
मन 'बेचैन' भय है तुम बिन वैतरणी
ॐ ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता।
यमुना आरती करने के लाभ-
यमुना आरती करने से माना जाता है कि व्यक्ति को दीर्घायु और स्वास्थ्य प्राप्त होता है और पापों का नाश होता है। साथ ही जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। इतना ही नहीं, इस आरती को करने से यमुना माता के आशीर्वाद से भाई-बहन के बीच पवित्रता और स्नेह बढ़ता है।
