Bhagwan Ram Mantra (भगवान राम के मंत्र): सनातन हिंदू धर्म के मूल ग्रंथों में से एक रामायण महाकाव्य की रचना महर्षि वाल्मीकि ने आदिकाल में की थी जिसमें भगवान राम के चरित्र और यात्रा का सुंदर वर्णन देखने को मिलता है। भगवान राम की ये यात्रा वनवास से शुरू होती है और लंका पर विजयी होने के बाद खत्म होती है। श्री राम का तप, त्याग, धर्म और संघर्ष उन्हें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम बनाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम के नाम को अत्यंत ही शुभ, सिद्ध, फलदायी और लाभकारी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है प्रभु श्री राम के मंत्रों का जाप करने से मनुष्य जन्म-मरण और पाप-पुण्य के बंधनों से मुक्त हो सकता है तथा उसे हर कठिन परिस्थिति में साहस, एकाग्रता और प्रेरणा मिलती है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार भगवान राम के जाप से ब्रह्मज्ञान की प्राप्ति होती है और मनुष्य अपने शारीरिक, मानसिक और आर्थिक संकटों से छुटकारा पा सकता है। ऐसे में चलिए जानते हैं भगवान राम के सिद्ध मंत्र तथा उनके जाप का महत्व।
Bhagwan Ram Mantra (भगवान राम के मंत्र)
•श्री राम ध्यान मंत्र - ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम। श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।।
•संकट से निवारण के लिए - लोकाभिरामं रणरंगधीरं राजीवनेत्रं रघुवंशनाथम्। कारुण्यरूपं करुणाकरं तं श्रीरामचन्द्रं शरणं प्रपद्ये। आपदामपहर्तारं दातारं सर्वसम्पदाम्। लोकाभिरामं श्रीरामं भूयो भूयो नमाम्यहम्।।
•सुख संपत्ति दायक मंत् - हे रामा पुरुषोत्तमा नरहरे नारायणा केशवा। गोविन्दा गरुड़ध्वजा गुणनिधे दामोदरा माधवा। हे कृष्ण कमलापते यदुपते सीतापते श्रीपते। बैकुण्ठाधिपते चराचरपते लक्ष्मीपते पाहिमाम्।।
•सफलता के लिए- ॐ राम ॐ राम ॐ राम ह्रीं राम ह्रीं राम श्रीं राम श्रीं राम - क्लीं राम क्लीं राम। फ़ट् राम फ़ट् रामाय नमः ।।
•प्रतिदिन प्रभु के स्मरण के लिए - श्री राम जय राम जय जय राम।।
•मनोकामना पूर्ति हेतु - श्री रामचन्द्राय नमः।।
•विपत्ति में रक्षा हेतु - राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सहस्त्र नाम तत्तुन्यं राम नाम वरानने।।
•मुक्ति और प्रभु प्रेम हेतु - नाम पाहरु दिवस निसि ध्यान तुम्हार कपाट। लोचन निजपद जंत्रित जाहि प्राण केहि बाट।।
Bhagwan Ram Mantra Importance (भगवान राम के मंत्रों का महत्व)
भगवान राम को अनंत और अनादि माना जाता है। राम नाम की महिमा अपरंपार है। भगवान राम का नाम स्वयं ही एक मंत्र है। इनके मंत्रों के जाप से बोध और आत्मज्ञान की प्राप्ति के साथ-साथ सभी प्रकार के दुःखों का अंत भी होता है। भारतीय परंपरा में भगवान राम को आदर्श माना जाता है तथा हर वर्ष चैत्र माह की नवमी पर इनका जन्मोत्सव मनाया जाता है जिस दिन हिंदू नव वर्ष भी शुरू होता है।
