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Basant Panchami Color: बसंत पंचमी पर पीले रंग के कपड़े क्यों पहने जाते हैं? जानिए ये किस बात का प्रतीक है

Basant Panchami Color (बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व): बसंत पंचमी के दिन बहुत से लोग पीले रंग के कपड़े पहनते हैं। तो वहीं इस दिन पीले चावल खाने का भी खास महत्व माना जाता है। लेकिन बसंत पंचमी का पीले रंग से क्या संबंध है? चलिए इस बारे में जानते हैं विस्तार से यहां।

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Basant Panchami Color

Basant Panchami Color (बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व): बसंत पंचमी के दिन पीले रंग का इस्तेमाल करना बेहद शुभ माना जाता है। यही कारण है कि लोग इस दिन पीले रंग के वस्त्र तो पहनते ही हैं साथ ही पीले चावल का भी सेवन करते हैं। इसके अलावा इस दिन माता सरस्वती को भी पीले रंग की मिठाई, केसर वाली खीर और पीले चावल का भोग जरूर लगाया जाता है। साथ ही इस दिन माता को हल्दी भी जरूर चढ़ाई जाती है। लेकिन बसंत पंचमी का पीले रंग से क्या संबंध है? चलिए इस बारे में जानते हैं।

बसंत पंचमी पर पीले रंग का क्या है महत्व? (Yellow Color Significance On Basant Panchami 2025)

बसंत पंचमी के दिन पीले रंग के कपड़े पहनना बेहद शुभ माना गया है। लेकिन पीले रंग और बसंत पंचमी का क्या संबंध है? इस बारे में कम ही लोग जानते हैं। तो आपको बता दें पीला रंग हिंदू धर्म में बहुत ही शुभ माना गया है। इसके अलावा ये रंग माता सरस्वती का भी प्रिय होता है। इसलिए ही सरस्वती माता को पीली चीजों का भोग लगाना शुभ माना जाता है। इसके अलावा लोग बसंत ऋतु का स्वागत करने के लिए भी बसंत पंचमी के दिन पीले वस्त्र पहनते हैं। यह रंग बसंत ऋतु की सुंदरता और ताजगी का प्रतीक है। पीला रंग समृद्धि का भी सूचक माना गया है।

क्या है पीले रंग का वैज्ञानिक महत्व? (What is The Scientific Significance of Yellow Color)

वैज्ञानिक दृष्टि से देखा जाए तो पीला रंग मन को मजबूत बनाता है। ये रंग हमारे मूड और फीलिंग को अच्छा करता है। इस रंग के कपड़े पहनने से पॉजिटिविटी फील होती है। विज्ञान अनुसार पीला रंग का उपयोग करने से हमारे रक्त में लाल और श्वेत कणिकाओं का विकास होता है यानी रक्त में हिमोग्लोबिन बड़ने लगता है। ये रंग रक्त संचार बढ़ाता है। साथ ही मनुष्य की थकान दूर करता है।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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