बसंत पंचमी पर इस बार नहीं होंगे ये शुभ कार्य, विवाह से लेकर गृहप्रवेश भी है वर्जित, जानिए क्यों?
- Authored by: Mohit Tiwari
- Updated Jan 22, 2026, 04:07 PM IST
Basant Panchami 2026 (बसंत पंचमी 2026): 23 जनवरी शुक्रवार को माघ माह की पंचमी तिथि है। इस दिन बसंत पचंमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन को शुभ कार्यों के लिए अबूझ मुहूर्त माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन शुभ कार्यों को करने के लिए मुहूर्त की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन इस बार जनवरी 2026 की बसंत पंचमी पर शुभ कार्य नहीं होंगे। इसके पीछे बेहद ही खास कारण है। आइए जानते हैं।
बसंत पचंमी पर कौन से शुभ कार्य नहीं होंगे
Basant Panchami 2026 (बसंत पंचमी 2026): 23 जनवरी 2026, शुक्रवार को पूरे देश में बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाएगा। आमतौर पर बसंत पंचमी को अबूझ मुहूर्त माना जाता है, यानी इस दिन बिना पंचांग देखे भी कई शुभ कार्य किए जाते हैं। लेकिन इस बार बसंत पंचमी पर कुछ विशेष ज्योतिषीय कारणों से शादी-विवाह सहित कई मांगलिक कार्य वर्जित माने जा रहे हैं। माघ माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पर्व मनाया जाता है। साल 2026 में यह पर्व 23 जनवरी के दिन मनाया जा रहा है। अक्सर इस दिन शुभ कार्यों को किया जाता है। हालांकि इस बार ऐसा करने शुभ नहीं माना जा रहा है। आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों है?
बसंत पचंमी पर क्यों नहीं किए जाएंगे शुभ कार्य?
इस बार बसंत पंचमी पर दो बड़े ज्योतिषीय कारण बन रहे हैं। पहला कारण है शुक्र ग्रह का अस्त होना और दूसरा कारण पंचक है। शास्त्रों के अनुसार शुभ कार्यों के समय गुरु और शुक्र जैसे शुभ ग्रहों का उदित अवस्था में होना आवश्यक होता है। इस बार शुक्र अस्त अवस्था में हैं, जो आने वाली 1 फरवरी को उदय होंगे। वहीं, 21 जनवरी के पंचक की भी शुरुआत हो गई है। हालांकि ये पंचक दोष रहित हैं। इस बाद भी शुक्र के अस्त होने के चलते इस बार बसंत पंचमी का अबूझ मुहूर्त प्रभावी नहीं माना जा रहा है।
क्यों अशुभ माना जाता है शुक्र ग्रह का अस्त होना?
शुक्र ग्रह को विवाह, प्रेम, सुख, वैवाहिक जीवन और भोग-विलास का कारक माना जाता है। जो बीते 11 दिसंबर 2025 को अस्त हो गए थे और वर्तमान में अस्त अवस्था में हैं और वे 1 फरवरी 2026 को उदय होंगे।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र के अस्त रहते विवाह, सगाई, मांगलिक संस्कार और दांपत्य जीवन से जुड़े कार्य नहीं करने चाहिए। ऐसे समय में किए गए विवाह में दांपत्य जीवन में सामंजस्य की कमी देखी जा सकती है।
पंचक का प्रभाव
ज्योतिष के अनुसार इस समय 25 जनवरी 2026 तक पंचक चल रहे हैं। पंचक के दौरान किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य जैसे विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, नया व्यवसाय शुरू करना शुभ नहीं माना जाता है। पंचक में किए गए शुभ कार्यों में बाधाएं, देरी या मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। यही कारण है कि पंचक के रहते बसंत पंचमी पर शुभ कार्यों से बचने की सलाह दी जा रही है। हांलाकि बुधवार से शुरू होने के कारण ये दोष रहित पंचक हैं, लेकिन फिर भी शुभ कार्यों को करने से बचना चाहिए।
इस बार बसंत पंचमी पर कौन-कौन से शुभ कार्य नहीं होंगे?
इस बार बसंत पंचमी पर विवाह और सगाई, गृह प्रवेश, नया व्यापार या दुकान का शुभारंभ, भूमि पूजन, वाहन या संपत्ति की खरीद, मुंडन संस्कार, नामकरण जैसे संस्कार आदि करना शुभ नहीं होगा। इन सभी कार्यों के लिए शुक्र उदय और पंचक समाप्त होने के बाद का समय अधिक शुभ माना जाएगा।
बसंत पंचमी पर क्या कर सकते हैं?
बसंत पंचमी पर मांगलिक कार्य वर्जित हैं, लेकिन बसंत पंचमी पर माता सरस्वती की पूजा पूरी श्रद्धा से की जा सकती है। इसके साथ ही पढ़ाई की शुरुआत, कला, संगीत और लेखन से जुड़ा अभ्यास, विद्या और ज्ञान की साधना, बच्चों का विद्यारंभ, आध्यात्मिक संकल्प इस दिन इन कार्यों को करने से माता सरस्वती की कृपा बनी रहती है। ज्योतिषीय दृष्टि से भले ही इस बार बसंत पंचमी पर विवाह जैसे शुभ कार्य न हों, लेकिन माता सरस्वती की आराधना का महत्व कम नहीं होता है। यह दिन आज भी ज्ञान, बुद्धि और विवेक की प्राप्ति के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
डिसक्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।