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Basant Panchami Shahi Snan Date 2025: बसंत पंचमी पर होगा कुंभ मेले का आखिरी शाही स्नान, नोट कर लें शुभ मुहूर्त

Basant Panchami Shahi Snan 2025 (बसंत पंचमी शाही स्नान 2025): प्रयागराज महा कुंभ में मूलतः 6 स्नान किए जाते हैं जिनमें से एक बसंत पंचमी के दिन भी किया जाता है। मान्यताओं के अनुसार 144 वर्ष बाद आए कुंभ स्नान में बसंत पंचमी के दिन ऐसा संयोग बन रहा है जिसमें स्नान करने से व्यक्ति को ज्ञान और ऊर्जा की प्राप्ति होगी। ऐसे में चलिए जानते हैं बसंत पंचमी शाही स्नान 2025 के बारे में।

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Basant Panchami 2025 Shahi Snan

Basant Panchami 2025 Shahi Snan Or Amrit Snan Date (बसंत पंचमी 2025 शाही स्नान): बसंत पंचमी का पर्व भारतवर्ष में बड़े ही हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग मां सरस्वती की पूजा के विधान केे साथ-साथ पवित्र नदियों में स्नान-ध्यान का भी विशेष महत्व बताया गया है। हिंदू पंचांग के अनुसार माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि पर बसंत पंचमी का शुभ पर्व मनाया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मां सरस्वती जिन्हें विद्या, बुद्धि, ज्ञान, संगीत और विवेक की देवी माना जाता है वे इस दिन अपने भक्तों पर कृपा बरसाती हैं। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 144 साल बाद लगे इस कुंभ में बसंत पंचमी की पावन तिथि पर ऐसा संयोग बनने जा रहा जिसमें अमृत स्नान करके व्यक्ति माता सरस्वती का आशीर्वाद वरदान स्वरूप पा सकता है। चलिए जानते हैं बसंत पंचमी का शाही स्नान कब और कैसे किया जाएगा।

Basant Panchami 2025 Shahi Snan Date (बसंत पंचमी शाही स्नान 2025)

बसंत पंचमी की तिथि 2 फरवरी, रविवार की सुबह 9 बजकर 16 मिनट पर प्रारंभ होगी तथा इसका समापन 3 फरवरी, सोमवार की सुबह 6 बजकर 54 मिनट पर होगा। ऐसे में 2 फरवरी के दिन बसंत पंचमी का व्रत रखा जाएगा और 3 फरवरी को शाही स्नान किया जाएगा।

Basant Panchami 2025 Shahi Snan Muhurat (बसंत पंचमी शाही स्नान मुहूर्त 2025)

वैसे तो बसंत पंचमी के दिन पूरे दिन शाही स्नान किया जा सकता है। लेकिन अगर शाही स्नान के लिए सबसे शुभ मुहूर्त की बात करें तो वो 3 फरवरी की सुबह 5 बजकर 23 मिनट से लेकर सुबह 6 बजकर 16 मिनट तक का समय रहेगा। बता दें ये ब्रह्म मुहूर्त का समय है।

Basant Panchami 2025 Shubh Yog (बसंत पंचमी 2025 शुभ योग)

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बसंत पंचमी के दिन सुबह 9 बजकर 14 मिनट तक शिव योग रहेगा। मान्यता है कि इस समय पूजा करने से शिक्षा के क्षेत्र में शुभ परिणाम मिलते हैं। इसके उपरांत सिद्ध योग लग जाएगा। वहीं इस दिन सुबह उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र रहेगा और उसके बाद से रेवती नक्षत्र लग जाएगा।

Laveena Sharma
लवीना शर्माauthor

धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले जम्मू-कश्मीर की रहने वाली हूं। पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट हूं। 10 साल से मीडिया में काम कर रही हूं। पत्रकारिता में करियर की शुरुआत न्यूज 24 से हुई। इसके बाद तमाम चैनलों में काम किया। जहां स्क्रिप्ट राइटिंग, एडिटिंग और एंकरिंग का अनुभव हासिल हुआ। रफ्तार यहीं नहीं रूकी अब चाह थी कुछ नया करने की जिसके लिए मैंने डिजिटल मीडिया में स्विच किया और मैं जनसत्ता से जुड़ गई। जनसत्ता में मैंने अध्यात्म सेक्शन लीड किया। इसके बाद पत्रिका में सेवाएं दी और अब timesnowhindi.com से जु़ड़ी हूं। यहां भी मैं अध्यात्म सेक्शन में कार्यरत हूं। भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और ज्योतिष शास्त्र में मेरा शुरू से ही लगाव रहा है। मेरी कोशिश रहती है कि मैं ऐसा कंटेट लिखूं जिससे बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि आज के युवा भी कनेक्ट कर सकें।

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