Ashadi Ekadashi 2024 Significance (आषाढ़ी एकादशी का महत्व): आषाढ़ी एकादशी का सनातन धर्म में विशेष महत्व माना जाता है। इसे देवशयनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस एकादशी तिथि से चातुर्मास भी शुरू हो जाता है जो देवउठनी एकादशी तक रहता है। आषाढ़ी एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस एकादशी के बाद से सभी शुभ कार्यों पर रोक लग जाती है। इस साल आषाढ़ी एकादशी 7 जुलाई को मनाई जा रही है। यहां आप जानेंगे आषाढ़ी एकादशी का महत्व।
आषाढ़ी एकादशी पारण मुहूर्त 2024 (Ashadi Ekadashi 2024 Parana Time)
आषाढ़ी एकादशी का पारण 18 जुलाई की सुबह 05:35 से 08:20 के बीच किया जा सकेगा। पारण तिथि के दिन द्वादशी रात 8 बजकर 44 मिनट पर समाप्त होगी।
आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि (Ashadi Ekadashi Puja Vidhi)
जो श्रद्धालु देवशयनी एकादशी का व्रत रखते हैं, उन्हें व्रत वाले दिन प्रात:काल उठकर स्नान करना चाहिए। फिर पूजा स्थल को साफ करके वहां भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित करें और फिर भगवान का षोडशोपचार पूजन करें। फिर भगवान विष्णु को पीले वस्त्र, पीले फूल और पीला चंदन अर्पित करें।इसके बाद उन्हें पान और सुपारी चढ़ाएं औक धूप, दीप और पुष्प चढ़ाकर उनकी आरती उतारें। फिर इस मंत्र से भगवान विष्णु की स्तुति करें…‘सुप्ते त्वयि जगन्नाथ जमत्सुप्तं भवेदिदम्। विबुद्धे त्वयि बुद्धं च जगत्सर्व चराचरम्।।' इस प्रकार श्री हरि विष्णु भगवान का विधि विधान पूजन करने के बाद ब्राह्मणों को भोजन खिलाएं। इसके बाद स्वयं भोजन या फलाहार ग्रहण करें।
