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Ashadha Purnima 2024 Date: कब रखा जाएगा आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत, यहां जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व

Ashadha Purnima 2024 Kab Hai: सनातन परंपरा में पूर्णिमा तिथि को बहुत ही खास माना गया है। हर महीने की पूर्णिमा तिथि का विशेष महत्व होता है। ऐसे में आइए जानते हैं आषाढ़ महीने की पूर्णिमा तिथि का व्रत कब रखा जाएगा और इसका महत्व।

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Ashadha Purnima 2024

Ashadha Purnima 2024 Kab Hai: आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत हर साल आषाढ़ महीने की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि के दिन रखा जाता है। इस पूर्णिमा पर गुरु पूर्णिमा का पर्व भी मनाया जाता है। पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा की जाती है। इसके साथ ही गंगा स्नान और दान के लिए भी पूर्णिमा का दिन उत्तम माना जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय में माता लक्ष्मी और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। इस दिन लक्ष्मी जी की पूजा करने से घर में सुख, समृद्धि आती है और इसके साथ ही चंद्रदेव की पूजा करने से चंद्रदोष से भी मुक्ति मिलती है। आइए जानते हैं आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा।

Ashadha Purnima 2024 Kab Hai (आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत कब रखा जाएगा)

हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत हर साल आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत पूर्णिमा तिथि पर रखा जाता है। इस साल पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 20 जुलाई को शाम 05 बजकर 59 मिनट से होगी। वहीं इस तिथि का समापन 21 जुलाई रविवार को दोपहर 3 बजकर 46 मिनट पर होगा। ऐसे में आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत 20 जुलाई 2024 को रखा जाएगा।

Ashadha Purnima 2024 Chandr Darshan Timing (आषाढ़ पूर्णिमा चंद्रदोय समय)

इस साल आषाढ़ पूर्णिमा का व्रत 20 जुलाई 2024 को रखा जाएगा। इस दिन चंद्रोदय का समय शाम 6 बजकर 47 मिनट पर होगा। ऐसे में इस समय में चंद्र देव को अर्घ्य देना शुभ होगा। इस दिन चंद्रदेव को कच्चे दूध, सफेद फूल और अक्षत का अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन चंद्र देव को खीर का भोग भी लगाएं।

Ashadha Purnima 2024 Puja Vidhi (आषाढ़ पूर्णिमा पूजा विधि)

  • आषाढ़ पूर्णिमा के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठें और गंगाजल युक्त जल से स्नान करें।
  • उसके बाद सूर्य देवता को जल अर्पित करें।
  • इस दिन आप अपनी इच्छानुसार गरीबों को दान करें।
  • इस दिन घर के मंदिर में साफ चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर विष्णु और लक्ष्मी जी की मूर्ति स्थापित करें।
  • फिर भगवान विष्णु और लक्ष्मी जी को अक्षत, फूल और चंदन अर्पित करें।
  • शाम के चंद्र देव को अर्घ्य अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।

Ashadha Purnima Importance (आषाढ़ पूर्णिमा महत्व)

हिंदू धर्म शास्त्रों में आषाढ़ पूर्णिमा को विशेष महत्वपूर्ण माना गया है। इस दिन गुरु पूर्णिमा का त्योहार भी मनाया जाता है। आषाढ़ पूर्णिमा के दिन व्रत रखने से और विष्णु जी की पूजा करने से साधक की सारी मनोकामना पूरी होती है। इसके साथ ही इस दिन गुरु की भी पूजा की जाती है। गुरु की पूजा करने से व्यक्ति पर हमेशा गुरु की कृपा सदा बनी रहती है।
Jayanti Jha
जयंती झा author

बिहार के मधुबनी जिले से की रहने वाली हूं, लेकिन शिक्षा की शुरुआत उत्तर प्रदेश की गजियाबाद जिले से हुई। दिल्ली विश्वविद्यायलय से हिंदी ऑनर्स से ग्रेजुए... और देखें

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