Keep Tortoise At Right Direction: हिंदू धर्म में पशु पक्षी पेड़ पौधे हर चीज की अपनी अलग अलग मान्यता है और हर चीज को पूजा जाता है। ऐसी मान्यता है कि देवी देवताओं की अलग-अलग पशुओं के रूप में सवारी है। जैसे चूहा गणेश जी की सवारी है, मां गौरी शेर की सवारी करती हैं, भगवान शिव नंदी बैल पर विराजते हैं, इसी प्रकार कछुए को भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है। हिंदू शास्त्रों के मुताबिक भगवान विष्णु ने कछुए का रूप धारण कर समुद्र मंथन के समय मंद्रांचल पर्वत को अपने कवच पर थामा था इसलिए कछुए की मूर्ति को घर में रखना शुभ माना जाता है। यह ज्योतिष व फेंगशुई दोनों के मुताबिक शुभ होता है। इसे रखने से आज घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। हिंदू धर्म में कछुए को 'कूर्म' भी कहा जाता है। अगर आप भी घर में कछुए की मूर्ति को लगाते हैं तो इसकी सही दिशा का ज्ञान होना बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं इसे किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है।
इस दिशा में रखें
वास्तु के अनुसार कछुए को उत्तर दिशा में रखना चाहिए। उत्तर दिशा में रखने से घर में धन की वर्षा होती है। शत्रुओं का नाश होता है व घर परिवार में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। इसे सिर्फ उत्तर दिशा में रखें या घर के पिछले हिस्से में रखें। इसके अलावा घर के एंट्रेंस पर या घर में फिश टैंक हो तो उसके पास भी कछुआ रखना शुभ माना जाता है।
बेड के करीब रखें
वहीं घर के बेड के करीब अगर कछुए की मूर्ति रखी है तो यह आपकी चिंताओं को दूर करता है और बीच में टूटती हुई नींद की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है। इसके साथ ही पॉजीटिव सपने भी आते हैं। इसे जिस दिशा में सिराना हो उस दिशा में रखें।
दुकान या ऑफिस में यहां रखें
अगर आप व्यवसायी हैं, तो अपनी दुकान या ऑफिस के मुख्य दरवाजे पर कछुए का चित्र लगाएं। ऐसा करने से व्यापार में धन लाभ और सफलता मिलती है रुके हुए काम जल्दी होने लगते हैं।
मुख्यद्वार में कछुआ रखने से बनी रहती है शांति
घर के मुख्यद्वार पर कछुए का चित्र लगाने से परिवार में शांति बनी रहती है। यह क्लेश व नकारात्मक चीजों को घर से दूर करता है। घर की नकारात्मक उर्जा भी दूर होती है। इसके साथ ही अक्सर घर का कोई सदस्य बीमार रहता है तो घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में कछुए का चित्र लगाएं। इससे आपकी समस्या का समाधान हो सकता है।
(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

