Ganesh Ji Ki Aarti in Hindi Lyrics: देखें गणपति जी की आरती 'जय गणेश जय गणेश' ल‍िर‍िक्‍स ह‍िंदी में, पूजा में जरूर करें शामिल

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 31, 2022, 07:17 PM IST

Ganesh Ji Ki Aarti in Hindi Lyrics: आज गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं दूर हो जाती है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करनी बेहद जरूरी होती है।

Ganesh Ji Ki Aarti in Hindi Lyrics: देखें गणपति जी की आरती 'जय गणेश जय गणेश' ल‍िर‍िक्‍स ह‍िंदी में, पूजा में जरूर करें शामिल

Shri Ganesh Aarti With Lyrics: आज गणेश चतुर्थी का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ काम को करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना की जाती है। भगवान श्री गणेश सभी देवताओं में पूजनीय है। शास्त्रों के अनुसार भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना करने से सभी विघ्न-बाधाएं हमेशा के लिए दूर हो जाती हैं। भगवान श्री गणेश को एकदंत के नाम से भी पुकारा जाता है। वहीं उनको व‍िघ्‍नहर्ता का नाम भी दिया गया है। ऐसी मान्यता है, कि भगवान श्री गणेश की पूजा अर्चना यदि  ना की जाए, तो कोई भी कार्य सफल नहीं हो पाता है। धर्म के अनुसार भगवान श्री गणेश को कार्यों को सफल बनाने वाला देवता माना जाता है। यहां आप भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स के साथ पढ़ सकते है।

पूजा में गणपति की आरती करते हुए शब्दों और उच्चारण का ध्यान रखा जाना चाहिए। यहां आप गणेश जी की आरती - जय गणेश देवा के हिंदी लिरिक्स देख सकते हैं। 

Shri Ganesh Aarti written, भगवान श्री गणेश की आरती लिरिक्स के साथ

जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


एक दंत दयावंत,
चार भुजा धारी ।
माथे सिंदूर सोहे
मूसे की सवारी ॥


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


पान चढ़े फल चढ़े,
और चढ़े मेवा ।
लड्डुअन का भोग लगे
संत करें सेवा ॥


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


अंधन को आंख देत,
कोढ़िन को काया ।
बांझन को पुत्र देत
निर्धन को माया ॥


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


'सूर' श्याम शरण आए,
सफल कीजे सेवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


दीनन की लाज रखो,
शंभु सुतकारी ।
कामना को पूर्ण करो
जाऊं बलिहारी ॥


जय गणेश जय गणेश,
जय गणेश देवा ।
माता जाकी पार्वती
पिता महादेवा ॥


गणेश जी को आरती में लगाएं ये भोग:
गणपत‍ि बप्‍पा को आरती में भोग जरूर लगाएं। गणपति को मोदक सबसे प्र‍िय माने जाते हैं। इसके अलावा मोतीचूर का लड्डू, नारियल वाले चावल, पूरण पोली, केले का शीरा, हलवा आद‍ि का भोग भी लगा सकते हैं।

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