Sawan 1st Mangla Gauri 2022 Puja Vidhi, Muhurat: सावन के पहले मंगला गौरी का व्रत कब? जानें पूजा विधि व सामग्री

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Jul 18, 2022, 02:33 PM IST

Sawan 1st Mangla Gauri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Time, Samagri, Mantra: सावन 2022 में पहला मंगला गौरी का व्रत कल यानी 19 जुलाई को रखा जाएगा। यहां जानें मां मंगला गौरी की पूजा के लिए विधि और पूजा सामग्री।     

Sawan 1st Mangla Gauri 2022 Puja Vidhi, Muhurat: सावन के पहले मंगला गौरी का व्रत कब? जानें पूजा विधि व सामग्री

Sawan 1st Mangla Gauri 2022 Date, Puja Vidhi, Shubh Muhurat, Samagri List: भगवान शिव को समर्पित सावन के महीने में मां मंगला गौरी का व्रत भी रखा जाता है। मां मंगला गौरी का व्रत सावन के हर एक मंगलवार को विधि अनुसार रखने की परंपरा है। हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, यह व्रत बेहद विशेष माना गया है। कहा जाता है कि जो भक्त सावन के हर एक मंगलवार को मां मंगला गौरी का व्रत रखता है उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। महिलाएं यह व्रत अपने पति की लंबी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए रखती हैं। जो महिलाएं मां मंगला गौरी की विधि अनुसार पूजा करती हैं उन्हें अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है। वर्ष 2022 में मां मंगला गौरी का व्रत कल यानी 19 जुलाई को रखा जाएगा। यहां जानें मां मंगला गौरी की पूजा विधि और सामग्री लिस्ट। 

कैसे करें मंगला गौरी व्रत पर पूजा?

कल यानी 19 जुलाई को सावन का पहला मामला गौरी व्रत रखा जाएगा। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें, इसके बाद साफ-सुथरे कपड़े पहनने के बाद घर के मंदिर को भी साफ कर लें। अब मां पार्वती और भगवान शिव की प्रतिमा को स्थापित करें और मां पार्वती को लाल रंग के वस्त्र चढ़ाएं। इस दिन आटे का दीपक बनाकर प्रज्वलित करें और भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करें। इस दिन 16 की संख्या में मां पार्वती और भगवान शिव को लड्डू, सुहाग की सामग्री, सूखे मेवे, लौंग, इलायची, नारियल, सुपारी इत्यादि अर्पित करें। मंगला गौरी के व्रत पर पांच प्रकार के मेवे और सात प्रकार का अन्न भी चढ़ाएं। अंत में कथा सुनें और भगवान शिव और माता पार्वती की आरती करें। 

मंगला गौरी व्रत की पूजा के लिए सामग्री

मंगला गौरी व्रत पर पूजा करने के लिए धूप, दीप, लौंग, सुपारी, इलायची, मिठाई, अक्षत, फल, फूल, सोलह श्रृंगार की सामग्री, भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा, लाल कपड़ा, रोली, मौली, नारियल, फूल की माला, गंगाजल इत्यादि इकट्ठा कर लें।  

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