Janmashtami 2022: 400 साल बाद कृष्ण जन्मोत्सव पर बन रहा है ये सर्वोत्तम संयोग, 8 योग खरीदारी के लिए इस दिन को बना रहे हैं बेहद शुभ 

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Aug 19, 2022, 06:39 AM IST

Janmashtami 2022 Date, Time, Shubh Muhurat, Yog And Shubh Sanyog: इस वर्ष जन्माष्टमी तिथि 18 और 19 अगस्त दोनों दिन पड़ रही है। कुछ पंडितों का कहना है कि तकरीबन 400 साल बाद इस वर्ष जन्माष्टमी पर 8 योग एक साथ बेहद शुभ संयोग बना रहे हैं जिस वजह से यह तिथि खरीदारी व प्रॉपर्टी में निवेश के लिए बेहद शुभ मानी जा रही है।

Janmashtami 2022: 400 साल बाद कृष्ण जन्मोत्सव पर बन रहा है ये सर्वोत्तम संयोग, 8 योग खरीदारी के लिए इस दिन को बना रहे हैं बेहद शुभ 

Janmashtami 2022 Date, Time, Shubh Muhurat, Yoga And Shubh Sanyog: वर्ष 2022 में जन्माष्टमी तिथि 18 और 19 अगस्त को पड़ रही है। कुछ लोग जन्माष्टमी 18 अगस्त को मना रहे हैं वहीं कुछ लोग 19 अगस्त को। खबरों के अनुसार, मथुरा, वृंदावन, द्वारका और इस्कॉन मंदिरों में जन्माष्टमी 19 तारीख को मनाने का निर्णय लिया गया है। ज्योतिष गणना के अनुसार, 19 तारीख यानी शुक्रवार बेहद शुभ है। कई ज्योतिषियों का मानना है कि इस दिन 8 योग बेहद शुभ संयोग बना रहे हैं जिसकी वजह से 19 तारीख खरीदी और प्रॉपर्टी में निवेश के लिए बेहद लाभदायक है। कहा जा रहा है कि तकरीबन 400 साल बाद जन्माष्टमी तिथि पर इतना शुभ संयोग बनने वाला है।

इस वर्ष मनाया जाएगा भगवान श्री कृष्ण का 5249वां जन्मोत्सव

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मध्यरात्रि आठवें मुहूर्त में श्री कृष्ण ने जन्म लिया था। इस वर्ष यह मुहूर्त मध्य रात्रि 12:05 से 12:45 तक रहने वाला है। तिरुपति, पूरी और बनारस के विद्वानों के पास जो मौजूदा ग्रंथ हैं उसके अनुसार इस वर्ष भगवान श्री कृष्ण का 5249वां जन्म उत्सव मनाया जा रहा है।

8 योग के साथ मनाई जाएगी ‌जन्माष्टमी, देखें सभी योग का महत्व 

19 अगस्त को चार शुभ योग के साथ चार राजयोग बनने वाले हैं। इस दिन ध्रुव, छत्र, महालक्ष्मी और बुधादित्य नाम के शुभ योग बनेंगे। इसके साथ हर्ष, कुलदीपक, भारती, सत्कीर्ति नाम के राजयोग भी बनने वाले हैं। 400 साल बाद जन्माष्टमी पर यह योग बन रहे हैं जिसकी वजह से 19 अगस्त को बेहद दुर्लभ संयोग बन रहा है। 

ध्रुव योग - मान्यताओं के अनुसार, जिस दिन ध्रुव योग बनता है वह दिन शुभ कार्यों को प्रारंभ करने के लिए लाभदायक माना जाता है। 

छत्र योग - शुक्रवार को छत्र योग कृतिका नक्षत्र में बन रहा है जिसकी वजह से नए व्यापार या जॉब की शुरुआत करना लोगों के लिए मंगलमय होगा। 

महालक्ष्मी योग - धर्म ग्रंथों के अनुसार, चंद्रमा और मंगल की शुभ स्थिति की वजह से महालक्ष्मी योग बनता है। इस योग में निवेश करना फलदाई माना गया है।

बुधादित्य योग - बुधादित्य योग सूर्य और बुध की शुभ स्थिति से बनता है। इस योग में किए जाने वाले सारे काम सफल होते हैं।

हर्ष राजयोग - हर्ष राजयोग में नए कार्य की शुरुआत करने वाले व्यक्ति की किस्मत उसका साथ जरूर देती है। इसके साथ यह राजयोग सुख और समृद्धि भी लाता है।

कुलदीपक राजयोग - माना जाता है कि कुलदीपक राजयोग में सच्चे मन से भगवान की पूजा करने से संतान की तरक्की का वरदान मिलता है। यह राजयोग बुध, गुरु और मंगल से बनता है।

भारती राजयोग - गुरु और मंगल की वजह से इस वर्ष भारती राजयोग बन रहा है। इस राजयोग में किए जाने वाले शुभ कार्यों का पुण्य अधिक हो जाता है। 

सत्कीर्ति राजयोग - इस राजयोग में नए व्यापार और नौकरी की शुरुआत करना शुभ माना गया है। 

कृष्ण जन्माष्टमी पर खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त

खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त (सुबह) - 9:00 से 10:30 तक
खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त (दोपहर) - 12:00 से 02:30 तक
खरीदारी के लिए शुभ मुहूर्त (शाम) - 5:30 से 7:30 तक 

19 अगस्त को मंगल ग्रह के साथ चंद्रमा अपनी उच्च राशि में मौजूद रहेगा। जिसकी वजह से इस दिन महालक्ष्मी योग बनने वाला है। यह योग प्रॉपर्टी की खरीदी-बिक्री, प्रॉपर्टी में निवेश और लेनदेन के लिए लाभदायक माना गया है। 

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