Dog Crying At Night: रात में कुत्ते का रोना माना जाता हैं अपशगुन, जानिए इसके पीछे क्या है वजह

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated May 8, 2022, 05:50 PM IST

Dogs Cry At Night: रात में कुत्ते का रोना या भौंकना हिंदू शास्त्रों में अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि रात में कुत्ते के रोने या भौंकना से कोई अशुभ घटना घट सकती है। ज्योतिष शास्त्र में ऐसा माना जाता है की जब कुत्ते रोते हैं तो किसी अनहोनी का संकेत देते हैं।

Dog Crying At Night: रात में कुत्ते का रोना माना जाता हैं अपशगुन, जानिए इसके पीछे क्या है वजह
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Reason Dogs Cry At Night: हिंदू धर्म में प्राचीन काल से ही शुभ अशुभ जैसी कई मान्यताएं चलती आ रही है, जिसे आज भी माना जाता है। इन मान्यताओं में एक है रात में कुत्ते का रोना। आपने अक्सर रात में कई बार कुत्तों को भौंकते या रोते हुए देखा या सुना होगा। माना जाता है कि रात में कुत्ते का रोना अशुभ होता है। वास्तु के अनुसार अगर कुत्ता किसी के घर के आगे रोता है तो उस घर में कोई बड़ी विपत्ति आने वाली होती है। कुत्तों को इसका संदेशा पहले ही हो जाता है। रात में ही नहीं बल्कि दिन में भी कुत्ते का रोना अशुभ माना जाता है। आइए जानते हैं कुत्ते के रोने के पीछे क्या क्या वजह होती है...

दिखाई देती है आत्मा

रात में कुत्ते के रोने के पीछे कई वजह है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक रात में कुत्ते इस वजह से भी रोते हैं या भौंकते हैं क्योंकि उनको अपने आसपास आत्माएं दिखाई देती हैं। जिसे देखकर भी वे रोने लगते हैं। माना जाता है कि कुत्ते की सूंघने और देखने की शक्ति सबसे ज्यादा होती है, इसलिए वह हर एक चीज बारीक तरीके से देख लेते हैं।

किसी अनहोनी का देते हैं संकेत

रात में कुत्ते के भौंकने की एक और वजह यह भी है कि जब रात में कुत्ते भौंकते हैं तो किसी अनहोनी के बारे में संकेत देते हैं। रात और दिन दोनों समय कुत्ते का रोना शुभ नहीं माना जाता है। अगर आपके घर से निकलने से पहले आपके घर के सामने कोई कुत्ता रो रहा है तो इसका मतलब उस काम में कोई संकट आ सकता है।

घर का पालतू कुत्ता रोने लगे तो होता है अशुभ

इसके अलावा अगर आपके घर का पालतू कुत्ता अचानक रोने लगे या आंखों में आंसू आ जाएं या घर पर खाना खाना छोड़ दे तो इसका मतलब है कि घर में कोई संकट आ सकता है। कुत्ता आने वाले संकट का संकेत आपको देता है।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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