Ashok Ke Patte Ke Upay: कलश पर लगने वाले अशोक के पत्तों के ये 5 दिव्य उपाय लाते हैं सुख समृद्धि

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Sep 22, 2022, 08:15 AM IST

Ashok Ke Patte: आपने कई बार कलश स्थापना के वक्त कलश के मुख पर अशोक के पत्ते लगे देखे होंगे। अशोक के पत्तों में स्वयं भगवान वास करते हैं। अगर इन पत्तों से पांच दिव्य उपाय कर लिए जाएं तो इंसान के हर दुख हर मुसीबत दूर हो सकती है।

Ashok Ke Patte Ke Upay: कलश पर लगने वाले अशोक के पत्तों के ये 5 दिव्य उपाय लाते हैं सुख समृद्धि

Ashok Ke Patte Ke Upay: सनातन धर्म में शुभ और मांगलिक कार्यों से पहले कलश स्थापना करने की परंपरा है। नवरात्रि में प्रतिपदा तिथि पर देवी की उपासना से पहले भी कलश स्थापित किया जाता है। कलश के मुख पर हमेशा अशोक के पत्ते लगाए जाते हैं। ऐसा करना बहुत शुभ माना जाता है। क्या आप जानते हैं, अशोक के पत्तों को कलश पर सजाने के अलावा भी ये कई दिव्य उपायों में प्रयोग किए जाते हैं। आइए आज आपको अशोक के पत्तों के पांच दिव्य उपाय बताते हैं।

सात चमत्कारी पत्तों का कमाल

ऐसा कहा जाता है कि अशोक के पत्तों में देवी-देवताओं का वास होता है। अगर आपका दांपत्य जीवन सही नहीं चल रहा है। घर में हमेशा झगड़े और तनाव का माहौल रहता है तो अशोक के सात पत्ते लाकर भगवान को अर्पित कर दीजिए। आपकी समस्या हल हो जाएगी।

विवाह से जुड़ी परेशानियां

अगर योग्य होने के बावजूद आपके विवाह में अड़चनें पैदा हो रही हैं या रिश्ता होने के बाद बार-बार टूट जाता है तो अशोक के पत्ते पानी में डालकर स्नान कर लीजिए। इसके बाद ये पत्ते पीपल के पेड़ के पास रख दीजिए। कुछ ही दिनों में आपकी समस्याएं हल हो जाएंगी।

अशोक के पत्तों का वंदनवार

अशोक के पत्ते की माला बनाकर घर के मुख्य द्वार पर टांगने से नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश नहीं होता है। घर के मुख्य द्वार पर इसका वंदनवार बहुत ही शुभ माना जाता है।

धन के स्थान पर रखें जड़

ऐसा कहते हैं कि अशोक के पेड़ की जड़ को धारण करने से धन की कभी कमी नहीं रहती है। इसकी जड़ को धन के स्थान पर रखना भी बहुत शुभ माना जाता है।

जल चढ़ाने से लाभ

अशोक के पेड़ को नियमित जल चढ़ाने से मां भगवती का आशीर्वाद बना रहता है। जिस घर के आंगन में यह पेड़ होता है, वहां बीमारी, शोक, गृह क्लेश जैसी समस्याएं कभी उत्पन्न नहीं होती हैं।

(डिस्क्लेमर : यह पाठ्य सामग्री आम धारणाओं और इंटरनेट पर मौजूद सामग्री के आधार पर लिखी गई है। टाइम्स नाउ नवभारत इसकी पुष्टि नहीं करता है।)

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